MSP Paddy Shortage: धान घोटाले में चूहे या सियासत? भूपेश बघेल के बयान से मचा सियासी भूचाल

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रायपुर | MSP paddy shortage, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी और समितियों में सामने आए भारी शॉर्टेज का मामला अब प्रशासनिक गलियारों से निकलकर पूरी तरह सियासी अखाड़े में पहुंच गया है। कवर्धा जिले के धान खरीदी केंद्रों में करोड़ों के धान की कमी को लेकर दिए गए “चूहा थ्योरी” ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में नया बवाल खड़ा कर दिया है।

चूहों पर ठीकरा, अफसरों पर सवाल

rat theory paddy scam, कवर्धा के चारभांठा और बघर्रा धान खरीदी केंद्र में खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के दौरान MSP पर खरीदे गए करीब 26 हजार क्विंटल धान का शॉर्टेज सामने आया है। जांच में इसकी अनुमानित कीमत करीब 7 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

हैरानी की बात यह रही कि विभागीय अफसरों ने इस भारी शॉर्टेज के पीछे चूहों को जिम्मेदार ठहरा दिया।

कांग्रेस का विरोध, चूहे का पिंजरा भेंट

rat theory paddy scam, अधिकारियों के इस तर्क के बाद कांग्रेस ने तीखा विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन के आला अधिकारियों को चूहे का पिंजरा भेंट कर व्यंग्यात्मक प्रदर्शन किया और पूरे मामले को भ्रष्टाचार से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया।

भूपेश बघेल का तंज: ‘नागपुर–गुजरात से आए होंगे चूहे’

Bhupesh Baghel statement,मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान ने सियासत को और गरमा दिया। उन्होंने चूहों को लेकर भाजपा पर सीधा हमला करते हुए कहा—

“छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है, यहां के चूहे भूखे नहीं हो सकते। भूखे चूहे तो नागपुर या गुजरात से आए होंगे।”

उन्होंने आरोप लगाया कि ये वही चूहे हैं जो पहले जल–जंगल–जमीन निगल गए और अब प्रदेश को खोखला कर रहे हैं।

‘अब बस्तर अगला निशाना’

Bhupesh Baghel statement, भूपेश बघेल ने आगे कहा कि कवर्धा, महासमुंद, जशपुर समेत कई जिलों में बेशकीमती जमीनें पहले ही “चूहों” द्वारा निगली जा चुकी हैं।

उन्होंने आशंका जताई कि अब इन चूहों की अगली मंजिल बस्तर है, जहां प्राकृतिक संसाधनों पर खतरा मंडरा रहा है।

सियासत तेज, जांच पर टिकी निगाहें

Political Controversy CG, धान शॉर्टेज के इस मामले ने जहां प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, वहीं राजनीतिक बयानबाज़ी ने इसे बड़ा सियासी मुद्दा बना दिया है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में वास्तविक दोषी सामने आते हैं या चूहे ही जिम्मेदार ठहराए जाते हैं।

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