Paddy procurement delay: धान खरीदी के बाद उठाव सुस्त, खुले में पड़े लाखों क्विंटल, नुकसान का खतरा

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बस्तर। Paddy procurement delay, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू हुए एक महीने से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन जिले के कई खरीदी केंद्रों में अब तक धान का उठाव बेहद धीमी गति से हो रहा है। स्थिति यह है कि लाखों क्विंटल धान खुले आसमान के नीचे रखा हुआ है, जिससे इसके खराब होने का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।

slow paddy lifting, मौसम में बदलाव और संभावित बारिश के चलते नुकसान की आशंका और गहरा गई है। खुले में पड़े धान पर चूहों के नुकसान, चोरी और नमी से गुणवत्ता खराब होने का डर खरीदी केंद्र प्रभारियों की चिंता बढ़ा रहा है। कुछ केंद्रों पर हालात सबसे ज्यादा गंभीर बताए जा रहे हैं, जहां भंडारण क्षमता से अधिक धान जमा हो चुका है।

slow paddy lifting, संग्रहण केंद्रों में पूरे संभाग का धान एकत्र होने से दबाव बढ़ गया है, वहीं परिवहन व्यवस्था समय पर नहीं पहुंच पा रही है। ट्रकों की कमी और उठाव में देरी के कारण खरीदी केंद्रों पर लगातार बोझ बढ़ रहा है।

slow paddy lifting, प्रशासन द्वारा निरीक्षण और व्यवस्था सुधारने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने हुए हैं। यदि धान लंबे समय तक खुले में पड़ा रहा तो उसकी गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है, जिसका सीधा असर सरकारी खरीदी व्यवस्था और किसानों के हितों पर पड़ेगा। मौजूदा हालात में किसानों के साथ-साथ खरीदी केंद्रों के लिए भी जोखिम बढ़ता जा रहा है।

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