Congress Politics: छत्तीसगढ़ कांग्रेस में बढ़ी अंदरूनी खींचतान, दिग्गज नेताओं के अलग-अलग दौरों पर उठे सवाल

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रायपुर। Congress Politics, छत्तीसगढ़ कांग्रेस में दिग्गज नेताओं के अलग-अलग राजनीतिक रास्तों और असमन्वित दौरों को लेकर अब पार्टी के भीतर खुलकर सवाल उठने लगे हैं। गुरुवार को प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट की अध्यक्षता में हुई पॉलिटिकल अफेयर कमेटी (PAC) की बैठक में इस मुद्दे पर सीधी चर्चा हुई।

Congress internal conflict बैठक में संगठन के कोर ग्रुप माने जाने वाले PAC के सभी वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री मौजूद रहे। हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पंजाब दौरे पर होने के कारण बैठक में शामिल नहीं हो सके।

एक साथ दौरे क्यों नहीं करते महंत और बैज?”

Congress internal conflict, बैठक के दौरान बिलासपुर संभाग से जुड़े एक पूर्व मंत्री ने सीधा सवाल उठाया कि

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत एक साथ दौरे क्यों नहीं करते?

Congress internal conflict, उन्होंने कहा कि यदि दोनों नेता जनता से जुड़े मुद्दों पर संयुक्त दौरे और कार्यक्रम करें, तो इससे पार्टी की एकजुटता का सकारात्मक संदेश जाएगा और जनता के बीच कांग्रेस की छवि मजबूत होगी।

सूत्रों के मुताबिक, इस सवाल पर सचिन पायलट ने कोई प्रत्यक्ष टिप्पणी नहीं की, लेकिन बैठक में इस बात पर सहमति बनती नजर आई कि नेताओं के समन्वित दौरों की ज़रूरत है।

दिग्गज नेताओं के अलग कार्यक्रम बने चिंता का विषय

Congress internal conflict, बैठक में यह मुद्दा भी उठा कि कई वरिष्ठ नेता अपने-अपने हिसाब से दौरा कार्यक्रम तय कर रहे हैं।

न तो प्रदेश कांग्रेस को इसकी सूचना दी जाती है और न ही संगठनात्मक समन्वय दिखाई देता है।

पार्टी सूत्रों का कहना है कि आलाकमान का स्पष्ट निर्देश है कि जनता के मुद्दों पर प्रभावी और एकजुट प्रदर्शन हो।

जब तक कांग्रेस के शीर्ष नेताओं में एकता नजर नहीं आएगी, तब तक इसका असर ज़मीनी स्तर पर नहीं दिखेगा।

महंत–बैज का बिलासपुर दौरा बना था चर्चा का विषय

Congress internal conflict, करीब दो महीने पहले चरणदास महंत और दीपक बैज एक ही दिन बिलासपुर पहुंचे थे।

हालांकि, दोनों नेताओं के कार्यक्रम में करीब डेढ़ घंटे का अंतर था।

दोनों ने लाल खदान ट्रेन हादसे में घायल लोगों से मुलाकात की और मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी।

उस समय भी पार्टी के भीतर यह चर्चा जोरों पर थी कि यदि दोनों नेता एक साथ कार्यक्रम करते, तो संदेश और मजबूत होता।

अब नेताओं के दौरों पर लगेगी लगाम?

Congress internal conflict, माना जा रहा है कि PAC बैठक के बाद पार्टी अब नेताओं के दौरों को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर सकती है।

संभावना है कि सभी बड़े नेताओं को प्रदेश कांग्रेस के साथ समन्वय बनाकर ही दौरे करने को कहा जाएगा।

जिला अध्यक्षों के कार्यक्रमों पर भी सवाल

Congress internal conflict, बैठक में नव नियुक्त जिला अध्यक्षों के कामकाज को लेकर भी चिंता जताई गई।

  • पार्टी सूत्रों के अनुसार, कई जिलों में दिग्गज नेता अपने समर्थकों के कार्यक्रमों में अलग-अलग शामिल हो रहे हैं, जिससे संगठनात्मक संदेश कमजोर हो रहा है।
  • एक वरिष्ठ नेता ने सुझाव दिया कि सभी जिला अध्यक्षों को राजधानी बुलाकरएक साथ कार्यभार सौंपा जाना चाहिए था, ताकि सभी वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में संगठनात्मक एकता दिखाई देती।
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