CG School Online Attendance: आज से शिक्षकों की ऑनलाइन हाजिरी अनिवार्य, मोबाइल ऐप से दर्ज होगी उपस्थिति
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रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर बड़ा बदलाव लागू हो गया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने 1 जनवरी 2026 से पूरे प्रदेश में शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति मोबाइल ऐप के माध्यम से दर्ज करना अनिवार्य कर दिया है। इसके लिए विभाग द्वारा पहले ही आदेश जारी कर दिए गए थे।
स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विद्या समीक्षा केंद्र (VSK) CG School मोबाइल ऐप को सभी शिक्षक अपने मोबाइल में डाउनलोड कर रजिस्ट्रेशन करें। नए साल की शुरुआत से ही शिक्षक अब इसी ऐप के माध्यम से अपनी हाजिरी दर्ज करेंगे। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, आने वाले समय में विद्यार्थियों की उपस्थिति भी ऑनलाइन दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।
इस संबंध में स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ को परदेसी 5 जनवरी को राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) की ऑनलाइन समीक्षा बैठक लेंगे, जिसमें ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था को प्रमुख एजेंडा बनाया गया है।
पूरे प्रदेश में लागू हुई व्यवस्था
शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए यह व्यवस्था पहले पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रदेश के पांच जिलों में लागू की गई थी। सफल परीक्षण के बाद अब इसे 1 जनवरी से पूरे छत्तीसगढ़ में लागू कर दिया गया है।
मोबाइल ऐप के जरिए शिक्षकों के स्कूल आने और जाने का समय डिजिटल रूप से रिकॉर्ड रहेगा, जिसे विभागीय अधिकारी कभी भी देख सकेंगे।
नियमित उपस्थिति से शिक्षा व्यवस्था में सुधार का दावा
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इस नई प्रणाली से शिक्षकों की मनमानी पर रोक लगेगी और समय पर विद्यालय पहुंचना सुनिश्चित हो सकेगा। इससे शिक्षा व्यवस्था में सुधार होगा और शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर होगी।
अधिकारियों के मुताबिक, यदि कोई शिक्षक ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं करता है तो भविष्य में वेतन कटौती जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है।
बायोमेट्रिक हाजिरी व्यवस्था पहले हो चुकी है फेल
गौरतलब है कि कोरोना काल से पहले स्कूल शिक्षा विभाग ने बायोमेट्रिक टेबलेट के जरिए ऑनलाइन हाजिरी की व्यवस्था लागू की थी। प्रत्येक स्कूल को टेबलेट भी दिए गए थे, लेकिन कुछ ही महीनों में यह व्यवस्था पूरी तरह फेल हो गई। वर्तमान में कई स्कूलों में ये टेबलेट आलमारियों में बंद पड़े हैं। अब उसी के बाद मोबाइल ऐप के जरिए नई व्यवस्था शुरू की गई है।
नेटवर्क और निजता को लेकर उठे सवाल
मोबाइल ऐप से हाजिरी को लेकर शिक्षक संगठनों ने विरोध जताया है। उनका कहना है कि प्रदेश के कई दूरस्थ और ग्रामीण इलाकों में नेटवर्क की गंभीर समस्या है। ऐसे में शिक्षक समय पर ऑनलाइन उपस्थिति कैसे दर्ज करेंगे, यह बड़ा सवाल है।
इसके अलावा, निजी मोबाइल में कई सरकारी ऐप डाउनलोड करवाने से निजता और डेटा सुरक्षा पर भी खतरा बताया जा रहा है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि सरकार को पहले टैबलेट या सरकारी मोबाइल उपलब्ध कराने चाहिए, उसके बाद ऐसी व्यवस्था लागू करनी चाहिए।
