Corruption News: जल जीवन मिशन में करोड़ों का भ्रष्टाचार, कलेक्टर–ठेकेदार की मिलीभगत का आरोप
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रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री ननकी राम कंवर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया है कि जिले के कलेक्टर, संबंधित विभागीय अधिकारी और ठेकेदारों की आपसी मिलीभगत से करोड़ों रुपये का घोटाला किया गया है, जिससे आम जनता को स्वच्छ पेयजल से वंचित होना पड़ रहा है।
नगरीय प्रशासन मंत्री को लिखा पत्र
पूर्व मंत्री ननकी राम कंवर ने नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव को पत्र लिखकर इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह भ्रष्टाचार न केवल सरकारी धन की लूट है, बल्कि यह अपराध की श्रेणी में आता है।
योजना को विफल करने का आरोप
कंवर ने आरोप लगाया कि जल जीवन मिशन के तहत नल-जल योजना को जानबूझकर विफल करने की मंशा से आवंटित धनराशि का दुरुपयोग किया गया। अधिकारियों और ठेकेदारों ने घटिया सामग्री का उपयोग कर स्तरहीन निर्माण कराया, जिसके कारण योजना जमीन पर पूरी तरह असफल हो गई।
फर्जी डीपीआर और रिश्वतखोरी का दावा
पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि योजना शुरू होने से पहले विन्ध्या टेलिलिंक्स लिमिटेड सहित कुछ कंपनियों को बिना स्थल निरीक्षण के फर्जी डीपीआर बनाने का काम सौंपा गया। इसके बदले अधिकारियों को भारी रिश्वत दी गई। उन्होंने दावा किया कि विभागीय सचिव और प्रबंधन संचालक तक 25 प्रतिशत कमीशन लेकर भुगतान कराने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कार्य शून्य है।
पहले भी की जा चुकी है शिकायत
ननकी राम कंवर ने बताया कि इससे पहले भी उन्होंने जल जीवन मिशन में हुए भ्रष्टाचार की शिकायत की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने मांग की है कि पूरे मामले की केंद्रीय एजेंसी से जांच कराई जाए।
76 ठेके निरस्त, फिर भी हालात खराब
जानकारी के अनुसार, जल जीवन मिशन में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट कर 76 से अधिक ठेके निरस्त किए जा चुके हैं। इसके बावजूद जिले में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
16 हजार से अधिक घरों तक नहीं पहुंचा नल कनेक्शन
जिले में जल जीवन मिशन के तहत 1,56,789 घरों में नल कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन तीन साल बीतने के बाद केवल 1,40,491 घरों तक ही कनेक्शन पहुंच सका है। करीब 16,298 घर आज भी नल कनेक्शन से वंचित हैं।
भीषण गर्मी में ग्रामीण परेशान
पिछले तीन वर्षों से ग्रामीणों को भीषण गर्मी में पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। जिले के 662 गांवों में से 180 गांवों में अब तक कार्य पूरा नहीं हो सका है। कहीं पानी की टंकी नहीं बनी तो कहीं पाइपलाइन बिछाने का काम अधूरा पड़ा है।
