Protest News: 11 सूत्रीय मांगों को लेकर शासकीय कर्मचारियों की हड़ताल, दूसरे दिन भी दफ्तरों में सन्नाटा

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जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के आह्वान पर जिलेभर के शासकीय विभागों के कर्मचारी-अधिकारी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। हड़ताल का आज दूसरा दिन रहा, जिससे जिला कलेक्टर कार्यालय सहित लगभग सभी शासकीय कार्यालयों में कामकाज पूरी तरह ठप रहा और दफ्तरों में सन्नाटा पसरा रहा।

हड़ताल के चलते जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, कृषि, स्वास्थ्य, राजस्व, आदिम जाति, पशु चिकित्सा, समग्र शिक्षा, वन विभाग सहित अधिकांश शासकीय कार्यालयों में कोई काम नहीं हो सका। जरूरी कार्यों से पहुंचे नागरिकों को दिनभर दफ्तरों के चक्कर काटने पड़े, जिससे आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

इस दौरान कर्मचारियों-अधिकारियों ने कचहरी चौक मैदान में धरना देकर शासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरना स्थल पर राज्य कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष अरुण तिवारी, प्रांतीय संगठन मंत्री एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश लिपिक वर्गीय संघ के प्रांताध्यक्ष रोहित तिवारी, छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के प्रवक्ता ओमप्रकाश शर्मा तथा छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. रविंद्र द्विवेदी सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों ने कर्मचारियों को संबोधित किया।

प्रांतीय अध्यक्ष रोहित तिवारी ने कहा कि शासन-प्रशासन की उदासीन नीतियों के चलते कर्मचारी वर्ग स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। वर्षों से लंबित मांगों पर केवल आश्वासन ही दिए जा रहे हैं, समाधान नहीं। यदि जल्द ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक व निर्णायक रूप दिया जाएगा।

राज्य कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष अरुण तिवारी ने कहा कि कर्मचारी लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रख रहे थे, लेकिन लगातार उपेक्षा किए जाने के कारण अब हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा है। उन्होंने बताया कि यह हड़ताल बुधवार तक जारी रहेगी।

फेडरेशन के जिला संयोजक विश्वनाथ परिहार ने कहा कि “मोदी की गारंटी” के तहत कर्मचारियों से किए गए वादे अब तक पूरे नहीं हुए हैं, जिससे कर्मचारियों में गहरा असंतोष है। सह-संयोजक डॉ. व्ही.के. पैगवार ने पुरानी पेंशन योजना लागू करने, संविदा व दैनिक वेतनभोगी कर्मियों के नियमितीकरण, लंबित महंगाई भत्ते के एरियर भुगतान, सातवें वेतन आयोग की विसंगतियों के निराकरण तथा रिक्त पदों पर स्थायी भर्ती सहित 11 सूत्रीय मांगों के शीघ्र समाधान की मांग की।

धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कर्मचारी-अधिकारी मौजूद रहे। उक्त जानकारी छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. रविंद्र द्विवेदी ने दी।

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