CBI Action: CBI की बड़ी ट्रैप कार्रवाई: SDI समेत चार कर्मचारी रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
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बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग अंतर्गत बीजापुर जिले से भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी और चौंकाने वाली कार्रवाई सामने आई है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक गुप्त ट्रैप ऑपरेशन के तहत डाक विभाग के चार कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में विभाग के सब डिवीजन इंस्पेक्टर (SDI) भी शामिल हैं, जिससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, CBI की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा को लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि डाक विभाग के कुछ कर्मचारी काम के बदले अवैध रूप से पैसों की मांग कर रहे हैं। इसी सूचना के आधार पर CBI ने जाल बिछाया और पूरी योजना के तहत कार्रवाई को अंजाम दिया।
गुप्त ऑपरेशन में रंगे हाथ गिरफ्तारी
यह कार्रवाई बुधवार रात करीब 8:30 बजे की बताई जा रही है। नगर स्थित एक होटल में जब रिश्वत की रकम का लेन-देन किया जा रहा था, तभी CBI की टीम ने अचानक दबिश दी। छापेमारी के दौरान 40 हजार रुपये नकद बरामद किए गए, जो रिश्वत की रकम थी।
CBI अधिकारियों ने मौके पर ही केमिकल टेस्ट कराया, जिसमें रिश्वत लेने की पुष्टि हो गई। अचानक हुई इस कार्रवाई से आरोपी संभल तक नहीं पाए और टीम ने सभी को मौके से हिरासत में ले लिया।
ये अधिकारी और कर्मचारी हुए गिरफ्तार
CBI द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में डाक विभाग के सब डिवीजन इंस्पेक्टर (SDI) शास्त्री कुमार पैंकरा के साथ तीन अन्य कर्मचारी मलोत शोभन, अंबेडकर सिंह और संतोष एंड्रिक शामिल हैं। आरोप है कि चारों ने आपसी मिलीभगत से अपने पद का दुरुपयोग करते हुए काम के बदले रिश्वत की मांग की थी।
शहर में मचा हड़कंप
आमतौर पर शांत माने जाने वाले बीजापुर नगर में CBI की इस तरह की बड़ी कार्रवाई पहली बार देखी गई है। होटल में छापेमारी की खबर फैलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। वहीं डाक विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों तक सूचना पहुंचते ही कार्यालयों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
आगे की जांच जारी
CBI की टीम गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों को अपने साथ लेकर रवाना हो गई है। सूत्रों के अनुसार, आरोपियों को पूछताछ के लिए जगदलपुर या रायपुर ले जाकर विशेष अदालत में पेश किया जा सकता है। एजेंसी इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस भ्रष्टाचार के नेटवर्क में विभाग के अन्य कर्मचारी या अधिकारी भी शामिल हैं।
इस कार्रवाई से साफ संकेत मिलता है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने CBI की इस कार्रवाई की सराहना करते हुए उम्मीद जताई है कि इससे सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता और ईमानदारी बढ़ेगी।
