Religious Conversion News: धर्मांतरण विवाद के बाद ईसाई समाज का बड़ा फैसला, शव दफनाने की परंपरा पर लगाई रोक

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कांकेर (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के आमाबेड़ा क्षेत्र में धर्मांतरित व्यक्ति के शव को दफनाने को लेकर हुई हिंसा के बाद अब ईसाई समाज ने बड़ा और अहम निर्णय लिया है। मसीह समाज के संरक्षक डॉ. प्रदीप क्लाडिस ने साफ कहा है कि भविष्य में किसी भी मृत व्यक्ति के शव को गांव या विवादित स्थान पर दफनाने की बजाय प्रशासन को सौंपा जाएगा। उन्होंने कहा कि मसीह समाज किसी भी प्रकार का टकराव या विवाद नहीं चाहता और शांति बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है।

 

डॉ. क्लाडिस ने अपने बयान में कहा कि हाल की घटना से समाज को गहरा आघात पहुंचा है, इसलिए आगे से किसी भी तरह की गलतफहमी या कानून-व्यवस्था की स्थिति न बने, इसके लिए यह फैसला लिया गया है।

 

क्या है पूरा मामला

 

दरअसल, कांकेर जिले के आमाबेड़ा क्षेत्र के बड़े तेवड़ा गांव में सरपंच रजमन सलाम के पिता की मृत्यु के बाद उनका शव गांव में ही दफना दिया गया था। सरपंच और उनका परिवार पहले ही धर्म परिवर्तन कर चुका था, जिसको लेकर गांव के लोगों में नाराजगी थी।

ग्रामीणों ने शव को कब्र से बाहर निकालने की मांग करते हुए दो दिनों तक प्रदर्शन किया। मंगलवार (16 दिसंबर) को यह विरोध हिंसक हो गया। जब ग्रामीण कब्र से शव निकालने पहुंचे तो वहां मौजूद ईसाई समुदाय के लोगों से उनकी झड़प हो गई। इस दौरान लाठी-डंडों से हमला हुआ, जिसमें कई लोग घायल हो गए।

 

घायलों को इलाज के लिए आमाबेड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। झड़प के दौरान मौके पर तैनात कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है और पुलिस बल तैनात किया गया है।

 

धर्मांतरण के विरोध में छत्तीसगढ़ बंद

 

कांकेर की इस घटना और धर्मांतरण के मुद्दे को लेकर हिंदू संगठनों ने बुधवार को छत्तीसगढ़ बंद का आह्वान किया था। बंद के दौरान कई जिलों में दुकानें बंद रहीं और सड़कों पर प्रदर्शन देखने को मिला।

राजधानी रायपुर में हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता लाठी-डंडों के साथ सड़कों पर उतरे और बाजार बंद कराने पहुंचे। शहर के अलग-अलग इलाकों में व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद कराए गए, जिससे जनजीवन आंशिक रूप से प्रभावित हुआ।

 

फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है।

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