Budget 2026-27: आम जनता की भागीदारी से बनेगा केंद्रीय बजट, सरकार ने मांगे सीधे सुझाव
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नई दिल्ली। भारत जैसे विशाल लोकतांत्रिक देश में केंद्रीय बजट केवल आय-व्यय का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि देश के करोड़ों नागरिकों की आकांक्षाओं और भविष्य की दिशा तय करने वाला दस्तावेज होता है। हर साल 1 फरवरी को जब वित्त मंत्री संसद में बजट पेश करती हैं, तो पूरे देश की निगाहें इस पर होती हैं कि किस वर्ग को राहत लेगी और किन चीज़ों की कीमतें बढ़ेंगी।
इस बार केंद्र सरकार ने बजट निर्माण की प्रक्रिया को और अधिक लोकतांत्रिक और समावेशी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। आगामी केंद्रीय बजट 2026-27 के लिए सरकार ने आम नागरिकों से सीधे सुझाव आमंत्रित किए हैं। सरकार का मानना है कि ‘विकसित भारत’ का सपना तभी साकार होगा, जब नीति निर्माण में देश के अंतिम व्यक्ति की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
सरकार का स्पष्ट संदेश है कि आम नागरिक को अर्थशास्त्र का विशेषज्ञ होना जरूरी नहीं है। यदि कोई गृहिणी है, तो वह रसोई गैस, खाद्य तेल या रोजमर्रा की महंगाई पर सुझाव दे सकती है। छात्र शिक्षा ऋण, स्कॉलरशिप और तकनीकी संसाधनों पर अपनी राय रख सकते हैं। वहीं नौकरीपेशा वर्ग इनकम टैक्स स्लैब, बचत योजनाओं और वेतन से जुड़ी राहतों पर सुझाव दे सकता है। किसान, व्यापारी और युवा वर्ग भी अपनी ज़मीनी समस्याओं और अपेक्षाओं को सीधे सरकार तक पहुँचा सकते हैं।
MyGov पोर्टल के जरिए भेज सकते हैं सुझाव
वित्त मंत्रालय ने सुझाव भेजने की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और सरल बना दिया है। नागरिकों को MyGov.in पोर्टल पर जाकर Union Budget 2026-27 सेक्शन में लॉग-इन करना होगा। मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी से लॉग-इन करने के बाद एक विशेष कमेंट बॉक्स में लोग अपने सुझाव, मांगें और नवाचार साझा कर सकते हैं।
सरकार का कहना है कि जनता के इन सुझावों को एक विशेष टीम द्वारा वर्गीकृत और विश्लेषित किया जाएगा, जिसके बाद उपयोगी प्रस्तावों को बजट में शामिल करने पर विचार किया जाएगा।
1 फरवरी 2026 को पेश होगा बजट
परंपरा के अनुसार वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को संसद में केंद्रीय बजट पेश करेंगी। इससे पहले वे उद्योग जगत, कृषि विशेषज्ञों, अर्थशास्त्रियों और विभिन्न हितधारकों के साथ प्री-बजट बैठकों में लगातार मंथन कर रही हैं, ताकि बजट संतुलित और सभी वर्गों के लिए लाभकारी बन सके।
पिछले बजट की झलक
वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में सरकार ने आत्मनिर्भर भारत, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और मध्यम वर्ग को राहत देने पर खास जोर दिया था। न्यू टैक्स रिजीम में स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाया गया, पीएम आवास योजना और ग्रामीण सड़कों के लिए रिकॉर्ड आवंटन किया गया। स्टार्टअप इंडिया और युवाओं के लिए इंटर्नशिप योजनाओं ने रोजगार के नए अवसर खोले।
अब 2026-27 के बजट से जनता की उम्मीदें और भी बढ़ गई हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि आम लोगों के सुझाव इस बजट को कितना क्रांतिकारी और जनहितकारी बनाते हैं।
