CG Assembly Winter Session: पंचायत विभाग में फर्जी प्रमाण पत्र पर उठा सवाल, देखे पूरी खबर
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रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी प्राप्त करने से जुड़ा मामला सदन में उठा। विधायक ओंकार साहू ने उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा से संविदा आधार पर पदस्थ सहायक परियोजना अधिकारियों (APO) से संबंधित जानकारी मांगी।
प्रश्न का उत्तर देते हुए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि राज्य के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में कुल 21 जिलों में एक-एक संविदा सहायक परियोजना अधिकारी पदस्थ हैं। इनमें बालोद, बलौदाबाजार-भाटापारा, बेमेतरा, बीजापुर, बिलासपुर, धमतरी, दुर्ग, गरियाबंद, गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही, कबीरधाम, कांकेर, कोंडागांव, कोरबा, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, मुंगेली, नारायणपुर, रायपुर, राजनांदगांव, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और सूरजपुर जिले शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक जिले में केवल एक ही संविदा APO कार्यरत है।
विधायक ने आगे बस्तर, कांकेर और धमतरी जिलों में पदस्थ APO के विरुद्ध फर्जी जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र अथवा कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर सेवा प्राप्त करने की शिकायतों की स्थिति जाननी चाही। इस पर उप मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर और कांकेर जिलों में इस प्रकार की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।
हालांकि, धमतरी जिले में पदस्थ एक संविदा APO के विरुद्ध दो शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिनमें फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर नौकरी करने के आरोप लगाए गए थे। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि इन शिकायतों की विधिवत जांच कराई गई, संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन किया गया, लेकिन जांच में आरोपों की पुष्टि नहीं हुई। जांच के दौरान प्रस्तुत किए गए सभी प्रमाण पत्र वैध पाए गए और किसी भी प्रकार की फर्जीवाड़े या कूटरचना के प्रमाण नहीं मिले।
