छत्तीसगढ़ विधानसभा मानसून सत्र के अंतिम दिन हंगामा, पोस्टरबाजी से प्रश्नकाल बाधित
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रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन सदन की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ गई। प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्ष ने पोस्टरबाजी और नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके चलते विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह को सदन की कार्यवाही तीन बार स्थगित करनी पड़ी। लगातार हंगामे के कारण प्रश्नकाल पूरी तरह से नहीं चल सका।
प्रश्नकाल के दौरान विपक्षी विधायक हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर सदन के भीतर पहुंचे। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने नियमों और प्रावधानों का हवाला देते हुए साफ कहा कि प्रश्नकाल के समय भाषणबाजी, नारेबाजी और पोस्टर लाना सदन की कार्यवाही को बाधित करता है। उन्होंने सदस्यों से आग्रह किया कि महत्वपूर्ण सत्र का अधिकतम उपयोग करें।
दूसरी बार सदन की कार्यवाही शुरू होने पर भी विपक्ष ने हंगामा जारी रखा। इस दौरान केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना के नाम परिवर्तन को लेकर विरोध दर्ज कराया गया। विधानसभा अध्यक्ष की मनाही के बावजूद विपक्षी सदस्य भाषणबाजी करते रहे। इस पर स्पीकर ने स्पष्ट किया कि प्रश्नकाल के दौरान नियमों के विरुद्ध कही गई कोई भी बात सदन की कार्यवाही में रिकॉर्ड नहीं की जाएगी।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने विपक्षी सदस्यों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि शरीर पर पोस्टर या बैनर लगाकर सदन में प्रवेश नहीं किया जा सकता। उन्होंने निर्देश दिया कि पोस्टर हटाने के बाद ही सदस्य सदन में प्रवेश करें।
तीसरी बार जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो फिर से नारेबाजी और हंगामा शुरू हो गया। स्पीकर ने कहा कि प्रश्नकाल में लंबे भाषण दिए जा रहे हैं, जो नियमों के खिलाफ है। बार-बार आग्रह के बावजूद स्थिति नहीं सुधरने पर विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी।
पोस्टरबाजी और हंगामे के चलते प्रश्नकाल पूरी तरह से बाधित रहा और सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल पाई।
