CG Liquor Scam शराब घोटाला केस में ईडी की बड़ी कार्रवाई, निलंबित अफसर गिरफ्तार

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य प्रशासनिक सेवा की निलंबित अधिकारी सौम्या चौरसिया को गिरफ्तार कर लिया है। सौम्या चौरसिया पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उप सचिव रह चुकी हैं।

ईडी ने शराब घोटाला मामले में पूछताछ के लिए उन्हें रायपुर स्थित अपने जोनल कार्यालय बुलाया था। दिनभर चली लंबी पूछताछ के बाद बुधवार शाम उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। ईडी उन्हें गुरुवार को विशेष अदालत में पेश करेगी।

ईडी की जांच में सामने आया है कि छत्तीसगढ़ में नकली होलोग्राम और शराब लाइसेंस के दुरुपयोग के जरिए हजारों करोड़ रुपये का घोटाला किया गया। शुरुआती जांच में इस घोटाले की राशि करीब 2000 करोड़ रुपये आंकी गई थी। नकली होलोग्राम लगाकर सरकारी शराब दुकानों से शराब बेची जाती थी, जिसका न तो आबकारी विभाग के पास कोई हिसाब था और न ही सरकार को राजस्व मिलता था।

जांच के दौरान ईडी को एक बड़े शराब सिंडिकेट के संचालन के सबूत मिले। इस मामले में पहले ही तत्कालीन आबकारी मंत्री कवासी लखमा, आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा, रायपुर महापौर के भाई अनवर ढेबर, एपी त्रिपाठी, आबकारी आयुक्त निरंजन दास और पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे चैतन्य बघेल सहित कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। अब इसी कड़ी में सौम्या चौरसिया की गिरफ्तारी हुई है।

गौरतलब है कि सौम्या चौरसिया को इससे पहले कोल घोटाला मामले में दिसंबर 2022 में ईडी ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद एसीबी ने भी उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। साथ ही डीएमएफ घोटाला मामले में भी वे आरोपी हैं।

30 मई 2025 को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद उन्हें प्रदेश से बाहर रहने और गवाहों को प्रभावित न करने की शर्तों पर रिहा किया गया था। तब से वे बेंगलुरु में रह रही थीं। बुधवार को वे पूछताछ के लिए रायपुर पहुंचीं, जहां ईडी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

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