बाराद्वार स्टेशन चौथी रेल लाइन से जुड़ा, अब बिलासपुर–झारसुगुड़ा रूट पर दौड़ेंगी ट्रेनें समय पर
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जांजगीर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर–झारसुगुड़ा रेल मार्ग पर चौथी लाइन परियोजना के तहत बाराद्वार स्टेशन को चौथी रेल लाइन से जोड़ने का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इस रूट पर पहले से तीन लाइनें होने के बावजूद ट्रेनों की बढ़ती संख्या के कारण परिचालन और समयबद्धता में लगातार चुनौतियां सामने आ रही थीं।
अब चौथी लाइन के जुड़ने से रेल संचालन अधिक सुगम, तेज और समयबद्ध हो सकेगा। इससे यात्रियों को ट्रेनों के विलंब से चलने की समस्या से राहत मिलेगी और व्यस्त रेल मार्ग पर ट्रैफिक दबाव भी कम होगा।
परियोजना के अंतर्गत बाराद्वार स्टेशन पर अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (EI) प्रणाली स्थापित की गई है। यह प्रणाली 197 रूट्स के साथ ड्यूल वीडीयू एआरएसटीएस और एचएसबीवाय सिस्टम से लैस है। स्टेशन परिसर में 40 पॉइंट्स, 44 सिग्नल, 7 लाइनों और 74 ट्रैक सर्किट्स को एकीकृत किया गया है। इसके अलावा कवच-रेडी इंटरफेस और पॉइंट हैजार्ड सर्किट लागू किए गए हैं, जिससे ट्रेन संचालन की सुरक्षा और विश्वसनीयता कई गुना बढ़ गई है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम से ट्रेन के मार्ग निर्धारण और सिग्नलिंग की प्रक्रिया पूरी तरह स्वचालित हो गई है, जिससे मानवीय त्रुटियों की संभावना कम होगी।
लाइन परियोजना को समय पर पूरा करने में 400 से अधिक रेलवे इंजीनियरों, तकनीकी कर्मचारियों, स्टेशन मास्टरों और मुख्य यातायात निरीक्षकों ने दिन-रात मेहनत की। अधिकारियों ने बताया कि सीमित समय में इस कार्य को पूरा करना बड़ी चुनौती थी, लेकिन बेहतर टीमवर्क और तकनीकी दक्षता के चलते परियोजना निर्धारित समय में पूरी कर ली गई।
चौथी लाइन के शुरू होने से लाइन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिसका सीधा लाभ यात्रियों को मिलेगा। अब ट्रेनें अधिक समय पर चलेंगी, आवाजाही सुचारू होगी और रेल यातायात पहले से कहीं अधिक बेहतर और सुरक्षित बनेगा।
