बिलासपुर में कोल कारोबारियों पर स्टेट GST की सबसे बड़ी रेड, 11 ठिकानों से 27 करोड़ से ज्यादा की टैक्स चोरी उजागर
Share this
बिलासपुर। शहर में कोयला कारोबार से जुड़े बड़े व्यापारिक समूहों पर स्टेट जीएसटी विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी और सुनियोजित कार्रवाई को अंजाम दिया है। विभाग की टीमों ने एक साथ महावीर कोल वाशरी, फील कोल ग्रुप और पारस कोल ट्रेडिंग से जुड़े कुल 11 ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान टैक्स चोरी से संबंधित कई अहम दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य सामने आए, जिसके बाद तीनों कारोबारियों ने करोड़ों रुपये की जीएसटी राशि सरेंडर कर दी।
सूत्रों के मुताबिक, प्रसिद्ध अभिनेत्री अंकिता लोखंडे के ससुराल से जुड़ी महावीर कोल कंपनी बिलासपुर की प्रतिष्ठित कोयला कंपनियों में शामिल है। यह समूह कोयला कारोबार के साथ-साथ रियल एस्टेट और शिक्षा क्षेत्र में भी सक्रिय है। वहीं फील कोल ग्रुप और पारस कोल ट्रेडिंग भी कोयला व्यापार के बड़े नाम माने जाते हैं।
लंबे समय से मिल रहे थे टैक्स चोरी के इनपुट
स्टेट जीएसटी विभाग को इन कंपनियों की गतिविधियों को लेकर काफी समय से कर चोरी की सूचनाएं मिल रही थीं। जांच में सामने आया कि कोयला परिवहन में लगी गाड़ियों की संख्या के मुकाबले जीएसटी भुगतान बेहद कम दर्शाया जा रहा था।
इसी आधार पर जीएसटी सचिव मुकेश बंसल और आयुक्त पुष्पेंद्र मीणा के निर्देश पर गोपनीय जांच शुरू की गई।
लोकल इंटेलिजेंस, नियमित खरीदी-बिक्री के आंकड़ों और व्यापारिक गतिविधियों का गहन विश्लेषण किया गया। कर चोरी की पुष्टि होते ही विशेष रणनीति बनाकर छापेमारी की गई।
रेड में उजागर हुईं गंभीर अनियमितताएं
छापेमारी के दौरान जीएसटी टीमों ने
कोल स्टॉक
खरीदी-बिक्री के रिकॉर्ड
वाश कोल, कच्चा कोल, रिजेक्ट और रिफाइंड कोल
अकाउंट्स डिपार्टमेंट के कंप्यूटर सिस्टम
की बारीकी से जांच की।
जांच में इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) में भारी अंतर पाया गया। इसके अलावा खनिज विभाग की वेबसाइट पर दर्ज स्टॉक और मौके पर मौजूद कोयले की मात्रा में भी बड़ा फर्क सामने आया।
करोड़ों की GST राशि सरेंडर
जांच के बाद कंपनियों ने विभाग के समक्ष भारी भरकम राशि सरेंडर की—
महावीर कोल कंपनी : ₹10 करोड़
पारस कोल ट्रेडिंग : ₹6.5 करोड़ (जिसमें से ₹3.20 करोड़ तत्काल जमा)
फील कोल ग्रुप : ₹11.11 करोड़
कुल मिलाकर 27 करोड़ रुपये से अधिक की जीएसटी चोरी सामने आई है।
रेड से पहले विशेष ब्रीफिंग
इस बड़ी कार्रवाई से पहले विशेष आयुक्त (IRS) तरन्नुम वर्मा रायपुर से अनुभवी अधिकारियों की टीम लेकर बिलासपुर पहुंचीं। उन्होंने कोल वाशरी, प्लांट और साइडिंग से जुड़े तकनीकी पहलुओं पर अधिकारियों को विस्तार से ब्रीफ किया।
करीब एक घंटे की विशेष बैठक के बाद 11 ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की गई।
डेपुटेशन के बाद पहली ही कार्रवाई में बड़ी सफलता
आईआरएस अधिकारी तरन्नुम वर्मा हाल ही में प्रतिनियुक्ति पर छत्तीसगढ़ में विशेष आयुक्त राज्य वाणिज्य कर विभाग के पद पर पदस्थ हुई हैं।
जॉइनिंग के एक सप्ताह के भीतर ही उनके नेतृत्व में प्रदेश की अब तक की सबसे बड़ी जीएसटी रेड को अंजाम दिया गया, जिसे विभाग एक बड़ी प्रशासनिक उपलब्धि मान रहा है।
