हाथियों का आतंक: आंगन में सो रही महिला की कुचलकर मौत, 12 वर्षीय बेटा गंभीर

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बिलासपुर। महानगर माने जाने वाले न्यायधानी बिलासपुर के आसपास अब जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार तड़के सरकंडा थाना क्षेत्र के बैमा रोड स्थित खपराखोल गांव में एक जंगली हाथी ने घर के आंगन में सो रही महिला को कुचलकर मौत के घाट उतार दिया। वहीं उसके साथ सो रहा 12 वर्षीय बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया।

इसके बाद वही हाथी आगे बढ़ते हुए धुरीपारा पौंसरा गांव में भी दाखिल हुआ और एक अन्य ग्रामीण को बुरी तरह घायल कर दिया। दोनों घायलों का उपचार अस्पताल में जारी है, जबकि मृत महिला का शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है।

 

कैसे हुआ हादसा?

खपराखोल निवासी किसान लेढ़वाराम यादव ने गुरुवार को अपने खेत से धान की मिंजाई कराई थी और उसे आंगन में ही रखा था। धान की रखवाली के लिए उनकी पत्नी कुमारी बाई (53) और बेटा दुर्गाप्रसाद (12) प्लास्टिक के आश्रय में सो रहे थे।

शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे बैमा तालाब की ओर से जंगली हाथी गांव में घुस आया। पड़ोसियों ने आवाज देकर लोगों को सतर्क करने की कोशिश की, लेकिन तब तक हाथी कुमारी बाई के आंगन तक पहुंच चुका था।

हाथी ने दोनों को बेरहमी से रौंद दिया। महिला की मौके पर ही मौत हो गई और बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे ग्रामीणों ने तत्काल अस्पताल पहुंचाया।

 

दूसरे गांव में भी हमला

पहले गांव में हमला करने के बाद हाथी धुरीपारा पौंसरा की ओर बढ़ गया। यहां उसने एक और व्यक्ति को हमला कर घायल कर दिया। इस घटना से दोनों गांवों में दहशत का माहौल है।

 

वन विभाग 5 घंटे देर से पहुंचा, ग्रामीण नाराज

स्थानीय लोगों के अनुसार, हाथी की सूचना सुबह 5 बजे दी गई थी, लेकिन वन विभाग की टीम सुबह 10 बजे मौके पर पहुंची। इसी बात को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।

वन विभाग ने अब गांव में रात को बाहर नहीं सोने, समूह में रहने और हाथी से दूर रहने की अपील की है। साथ ही टीम जंगली हाथी की लोकेशन ट्रैक करने में जुटी हुई है।

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