अवैध प्लॉटिंग का काला खेल जारी: प्रशासन की नाक के नीचे भर रहे गड्ढे, व्हाइट कॉलर माफिया सक्रिय
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चांपा। नगर में अवैध प्लॉटिंग का कारोबार इन दिनों तेजी से फल-फूल रहा है। नगर पालिका क्षेत्र द्वारा रखड़ पाटने की अनुमति नहीं देने के बावजूद शहर के कई इलाकों में खुलेआम गड्ढे भरकर जमीन तैयार की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि पूरा खेल प्रशासन और संबंधित विभागों की नाक के नीचे चल रहा है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल दिखावा ही नजर आता है।
सूत्रों के अनुसार, अवैध प्लॉटिंग करने वाले पहले गहरी जगह या गड्ढेदार खाली प्लॉट का सौदा करते हैं। इसके बाद इन गड्ढों में रखड़ पटवाकर जमीन को समतल किया जाता है और फिर उस पर प्लॉटिंग कर निवेश के नाम पर लोगों से मोटी रकम वसूल की जाती है। कई मामलों में ऐसे कारोबारी खुद को समाज में व्हाइट कॉलर और प्रभावशाली बताकर पेश करते हैं, जबकि उनकी आर्थिक तरक्की का मुख्य आधार यही अवैध जमीन कारोबार होता है।
छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार द्वारा अवैध प्लॉटिंग पर सख्त कार्रवाई की बात जरूर कही जा रही है, मगर जमीनी हकीकत इससे पूरी तरह उलट है। धरातल पर न तो सख्ती नजर आती है और न ही अवैध कारोबारियों की गतिविधियों पर कोई रोक लगती दिखती है। प्रशासन की उदासीनता इस पूरे मामले को और भी चिंताजनक बनाती है।
नगर के कई ऐसे लोग भी हैं जो आज बड़े कारोबारी और रसूखदार होने का दावा करते हैं, लेकिन उनके पीछे अवैध भूमि सौदों की लम्बी सूची छिपी होती है। विवादों और तगादों से बचने के लिए कुछ लोग किराए के गुर्गे तक रखते हैं ताकि कोई उन तक आसानी से पहुँच न सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते ठोस और कड़ी कार्रवाई नहीं की, तो आने वाले दिनों में यह अवैध प्लॉटिंग का नेटवर्क और भी खतरनाक आकार ले सकता है।
