सरकारी दफ्तरों में लागू होगा सख्त बायोमेट्रिक नियम: 100 मीटर दायरे से बाहर जाते ही लगेगी गैरहाजिरी, वेतन में होगी कटौती
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बिलासपुर। नए साल से बिलासपुर जिले के सभी सरकारी दफ्तरों में कर्मचारियों की हाजिरी और मौजूदगी अब पूरी तरह डिजिटल निगरानी के दायरे में आ जाएगी। 1 जनवरी से लागू होने वाला नया रीयल-टाइम बायोमेट्रिक ट्रैकिंग सिस्टम कर्मचारियों को दफ्तर में कितने समय तक वास्तव में मौजूद रहे, उसका सटीक रिकॉर्ड रखेगा।
सूत्रों के अनुसार, नया सिस्टम केवल फिंगरप्रिंट या फेस बायोमेट्रिक से उपस्थिति दर्ज नहीं करेगा, बल्कि लोकेशन ट्रैकिंग के माध्यम से हर कर्मचारी की लाइव लोकेशन मॉनिटर करेगा। यदि कोई भी कर्मचारी ऑफिस परिसर से 100 मीटर दूर जाता है, तो सिस्टम उसे तुरंत अनुपस्थित मार्क कर देगा।
देर से आने और जल्दी जाने पर भी कटेगा वेतन
अधिकारियों ने बताया कि नया एप कर्मचारी की ड्यूटी अवधि का स्वतः हिसाब करेगा।
देर से आने पर
जल्दी जाने पर
ड्यूटी टाइम में गायब होने पर
सभी स्थितियों में सिस्टम ऑटोमेटिक टाइम कैल्क्युलेट कर वेतन कटौती करेगा।
क्यों लागू किया जा रहा है नया सिस्टम?
प्रशासन का मानना है कि कई दफ्तरों में टाइमिंग और उपस्थिति को लेकर लंबे समय से अनियमितताएँ देखी जा रही थीं। इस सिस्टम से—
✔ कार्यालयीन अनुशासन में सुधार
✔ पारदर्शिता बढ़ेगी
✔ कामकाज की गति में तेजी आएगी
कर्मचारियों में बढ़ी चिंता
नई व्यवस्था को लेकर कर्मचारियों में हल्की चिंता भी देखी जा रही है। कई कर्मचारी इसे “कड़ा कदम” बता रहे हैं, जबकि अधिकारियों का कहना है कि यह आम जनता को बेहतर सेवा देने के उद्देश्य से जरूरी है।
अधिकारियों का बयान
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि–
“नए सिस्टम का उद्देश्य केवल निगरानी नहीं, बल्कि सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करना है। जो कर्मचारी समय पर और नियमित हैं, उन्हें इससे कोई परेशानी नहीं होगी।”

