SIR को लेकर अमित शाह का पलटवार: विपक्ष 4 महीने से फैला रहा झूठ, चुनाव आयोग पर उठा विवाद बेबुनियाद
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नई दिल्लीः मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी सियासी घमासान के बीच केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बुधवार को विपक्ष पर तीखा हमला बोला। शाह ने कहा कि विपक्ष पिछले 4 महीनों से SIR को लेकर एकतरफा झूठ फैला रहा है और देश की जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और SIR जैसे तकनीकी मुद्दों पर राजनीति करना गलत है। शाह ने कहा कि “विपक्ष का काम भी हमें ही करना पड़ रहा है। चुनाव सुधार पर चर्चा तय हुई थी, लेकिन विपक्ष ने ज्यादातर बातें SIR पर ही कीं। इसलिए अब मुझे जवाब देना पड़ रहा है।”
“नेहरू-इंदिरा-अटल के समय भी हुआ SIR, तब विरोध क्यों नहीं?”
अमित शाह ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि नेहरू के कार्यकाल में 3 बार, इंदिरा गांधी व अटल बिहारी वाजपेयी के समय एक-एक बार SIR हुआ, लेकिन तब किसी भी दल ने इसका विरोध नहीं किया।
उन्होंने कहा, “आज वही लोग विरोध कर रहे हैं जिन्होंने खुद इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया था।”
“संसद नहीं चली क्योंकि विपक्ष ने चर्चा को भटकाया”
गृहमंत्री ने संसद की बाधित कार्यवाही पर भी विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने कहा—
“2 दिन कार्यवाही नहीं चल सकी। यह संदेश देने की कोशिश की गई कि हम चर्चा से भाग रहे हैं। जबकि सच यह है कि BJP और NDA कभी बहस से नहीं भागते।”
शाह ने कहा कि विपक्ष की मांग SIR पर चर्चा की थी, जो चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र का विषय है।
“अगर SIR पर चर्चा होगी तो जवाब कौन देगा? यह चुनाव आयोग का विषय है, सरकार का नहीं।”
“झूठ का जवाब तर्कों से दूंगा”
अमित शाह ने कहा कि उन्होंने सभी पुराने SIR का गहन अध्ययन किया है और कांग्रेस के फैलाए “झूठ का तथ्य आधारित जवाब” देंगे।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि—
“मतदाता सूची, मतदाता की परिभाषा और उसके सुधार की शक्तियाँ संविधान में स्पष्ट रूप से लिखी हैं। फ्री एंड फेयर चुनाव कराने की जिम्मेदारी चुनाव आयोग की है।”
