छत्तीसगढ़–एमपी में नक्सल मोर्चे पर बड़ी जीत: मोस्ट-वॉन्टेड सहित 22 माओवादी आत्मसमर्पण

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खैरागढ़/बालाघाट। छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में नक्सल विरोधी अभियान को दोहरी कामयाबी मिली है। प्रदेशों की संयुक्त सीमा के एमएमसी जोन—मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ बॉर्डर—में सक्रिय माओवादियों के केंद्रीय समिति सदस्य और मोस्ट-वांटेड नक्सली रामदेर ने अपने 12 साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया।

जानकारी के अनुसार, सभी नक्सली अपने हथियारों के साथ बरकट्टा थाना पहुंचे और पुलिस अधिकारियों को हथियार सौंपकर समाज की मुख्यधारा में लौटने की इच्छा जताई। सरकार ने सभी को पुनर्वास नीति के तहत सुरक्षा, आर्थिक सहायता और रोजगार देने की घोषणा की है।

सीसी मेंबर रामदेर लंबे समय से प्रदेश के जंगलों में सक्रिय था। बताया गया कि उसके ही समूह के अन्य नक्सली उसे आत्मसमर्पण के लिए तैयार कर रहे थे, जबकि पुलिस ने पहले ही सुरक्षा का आश्वासन दे दिया था।

उत्तर बस्तर में पहली बार किसी नक्सली को सीसी मेंबर बनाया गया था—और वह रामदेर ही था। प्रमोशन से पहले वह DKSZC सदस्य के रूप में काम करता था।

 

बालाघाट में MP सरकार को बड़ी सफलता

मध्य प्रदेश के नक्सल प्रभावित बालाघाट में भी नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी जीत मिली है। यहां चार महिलाओं सहित 10 कट्टर माओवादी कार्यकर्ताओं ने रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के समक्ष आत्मसमर्पण किया।

यह समूह भाकपा (माओवादी) महाराष्ट्र-मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ (एमएमसी) विशेष क्षेत्र से जुड़ा था और इन पर कुल 2.36 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण कार्यक्रम में नक्सलियों ने दो AK-47 और दो INSAS राइफलों को पुलिस के सुपुर्द किया।

 

पत्रकारों से चर्चा में सीएम यादव ने कहा—

“यह नक्सल विरोधी अभियान में एक बड़ी उपलब्धि है। डिंडोरी और मंडला पहले ही उग्रवाद से मुक्त हो चुके थे, अब बालाघाट भी लगभग नक्सल-मुक्त होने की ओर है। इससे कान्हा और बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व पूरी तरह सुरक्षित होंगे।”

 

किन नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण?

आत्मसमर्पण करने वाले सभी कार्यकर्ता एमएमसी ज़ोन के कान्हा-भोरादेव (KB) डिवीजन के थे। इनमें प्रमुख नाम—

 

सुरेंद्र उर्फ कबीर सोडी (50) — MMC ज़ोन सचिव

राकेश ओडी उर्फ मनीष — SCZM सदस्य

लालसिंह मरावी — एरिया कमेटी सदस्य

सलिता उर्फ सावित्री

नवीन नुप्पो उर्फ हिडमा

जयशीला उर्फ ललिता ओयम

विक्रम उर्फ हिडमा वट्टी

जरीना उर्फ जोगी मुसक

समर उर्फ सोमारू

 

ये सभी 26–50 आयु वर्ग के थे और छत्तीसगढ़ व महाराष्ट्र से जुड़े थे।

पुलिस के अनुसार, इस आत्मसमर्पण के बाद कान्हा नेशनल पार्क से गुजरने वाला एमएमसी का उत्तरी क्षेत्र पूरी तरह नक्सल मुक्त हो गया है और अब फोकस दक्षिणी हिस्से पर होगा, जहाँ अभी 18 नक्सली सक्रिय हैं।

2025 में अब तक MP पुलिस की उपलब्धियाँ

10 कट्टर नक्सली मार गिराए — 1.86 करोड़ के इनामी

 

सुनीता—MP की विशेष पुनर्वास नीति 2023 के तहत पहली आत्मसमर्पित महिला माओवादी

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