पेपर लीक रोकने के लिए बड़ा कदम: राज्यसभा में राघव चड्डा का प्राइवेट मेंबर बिल, दोषियों को उम्रकैद सजा का प्रस्ताव
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नई दिल्ली। संसद में शुक्रवार को कई प्राइवेट मेंबर बिल पेश किए गए, लेकिन सबसे अधिक चर्चा में रहा राज्यसभा सांसद राघव चड्डा द्वारा पेश किया गया विशेष बिल। इस बिल में देशभर में बढ़ते पेपर लीक मामलों पर सख्त कार्रवाई करने और दोषियों पर कड़ी सजा लगाने का प्रस्ताव किया गया है।
राघव चड्डा ने राज्यसभा में यह बिल प्रस्तुत करते हुए कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक ने भारत की कॉम्पिटिटिव एग्ज़ामिनेशन सिस्टम और हायर एजुकेशन एंट्रेंस टेस्ट्स की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों का भविष्य बार-बार दांव पर लग रहा है, इसलिए समय रहते कठोर कानून बनाना बेहद जरूरी है।
क्या है बिल में सजा का प्रावधान?
प्राइवेट मेंबर बिल के अनुसार—
पेपर लीक में शामिल दोषियों को कम से कम 7 साल की सजा
और अधिकतम उम्रकैद की सजा देने की सिफारिश की गई है।
राघव चड्डा का कहना है कि जब तक सख्त सजा नहीं होगी, तब तक इस प्रकार की आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाना मुश्किल है।
NEET-UG 2024 और UGC-NET लीक का जिक्र
सांसद ने हाल ही में हुए NEET-UG 2024 और UGC-NET लीक का उल्लेख करते हुए कहा कि इन घटनाओं के कारण लाखों परीक्षार्थियों का करियर प्रभावित हुआ है। ऐसे मामलों ने छात्रों की मेहनत, समय और भविष्य सभी को गंभीर खतरे में डाल दिया है।
बिल पेश होने के बाद यह मामला राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि देशभर में पेपर लीक की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं और परीक्षाओं की पारदर्शिता सवालों के घेरे में है।
