संसद का शीत सत्र आज से शुरू: SIR विवाद पर विपक्ष का हंगामा तय, PM मोदी ने दिया कड़ा संदेश

Share this

नई दिल्ली: संसद का शीत सत्र आज से शुरू हो रहा है और इसके हंगामेदार होने के साफ संकेत मिल रहे हैं। कथित वोट चोरी और SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) जैसे मुद्दों पर विपक्ष ने पहले ही टकराव का रूख अपना लिया है। पिछले सत्र में यह मुद्दा चर्चा में नहीं आ सका था, जिसके बाद विपक्ष इस बार किसी भी कीमत पर बहस की मांग कर रहा है। सत्र का समापन 19 दिसंबर को होना निर्धारित है।

बिहार चुनावों में मिली बड़ी जीत से सत्ता पक्ष उत्साहित है, वहीं विपक्ष आक्रामक तेवर में है।

 

पीएम मोदी का विपक्ष को संदेश: “हार के गम से बाहर आएं”

सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्षी दलों को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारत लोकतंत्र को जीता है और आर्थिक रूप से मजबूत हो रहा है।

बिहार विधानसभा चुनाव परिणामों का जिक्र करते हुए पीएम ने विपक्ष को सलाह दी कि वे पराजय की निराशा से उभरकर सदन में “मजबूत और रचनात्मक मुद्दे” उठाएं।

पीएम मोदी ने कहा—

“ड्रामा करने के लिए और भी जगहें हैं, लेकिन सदन में हमें डिलीवरी चाहिए। विपक्ष को अपनी निगेटिविटी को मर्यादा में रखना चाहिए।”

 

विपक्ष का तेवर: “SIR पर चर्चा नहीं हुई तो संसद नहीं चलने देंगे”

सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने राष्ट्रीय सुरक्षा, दिल्ली विस्फोट, वायु प्रदूषण और कई अन्य मुद्दों पर चर्चा की मांग रखी, लेकिन SIR मुद्दा उनके लिए शीर्ष प्राथमिकता बनर उभरा है।

 

सपा के वरष्ठ नेता राम गोपाल यादव ने चेतावनी दी कि यदि SIR पर चर्चा नहीं कराई गई, तो वे संसद की कार्यवाही ठप कर देंगे।

उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची पुनरीक्षण में भारी अनियमितताएँ हुई हैं और कई बूथ-स्तरीय अधिकारी तनाव में आत्महत्या तक कर चुके हैं।

सपा नेता का दावा है कि उन्हें और कई विधायकों को “C श्रेणी” में डाल दिया गया है, जिसके कारण मतदाताओं के एक विशेष वर्ग के नाम लिस्ट से हटाए जा रहे हैं।

संसदीय कार्य मंत्री किरें रिजिजू ने कहा कि वे संबंधित पदाधिकारियों से परामर्श के बाद विपक्ष से बात करेंगे, लेकिन उन्होंने किसी तरह की स्पष्ट गारंटी नहीं दी।

Share this

You may have missed