साइबर सेल की बड़ी कार्रवाई: बुजुर्ग महिला और व्यापारी से करोड़ की ठगी का खुलासा, 3 आरोपी गिरफ्तार

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राजनांदगांव। जिले की साइबर सेल और कोतवाली पुलिस ने दो बड़े साइबर फ्रॉड मामलों का पर्दाफाश करते हुए कुल 2 करोड़ से अधिक की ऑनलाइन ठगी का खुलासा किया है। दोनों प्रकरणों में पुलिस ने अब तक चार राज्यों से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

 

पहला मामला: बुजुर्ग महिला को “डिजिटल अरेस्ट” का झांसा, 79.69 लाख की ठगी

 

राजनांदगांव की 79 वर्षीय महिला को अज्ञात साइबर ठगों ने व्हाट्सऐप वीडियो कॉल पर फर्जी कोर्टरूम बनाकर डिजिटल अरेस्ट करने का नाटक किया। शुरुआत में ठगों ने खुद को एयरटेल कर्मचारी, फिर CBI अधिकारी, और बाद में जज बताकर महिला को धमकाया कि वह मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंस चुकी हैं।

 

घबराई हुई पीड़िता को कहा गया कि यदि वह निर्दोष हैं तो अपनी बैंक राशि “जांच” के लिए बताए गए खाते में जमा करें। भय और दबाव में आकर पीड़िता ने 79,69,047 रुपए ट्रांसफर कर दिए।

 

शिकायत पर कोतवाली थाना में अपराध क्रमांक 700/2025 दर्ज किया गया।

 

तकनीकी जांच में पता चला कि लगभग 20 लाख रुपए गुरुग्राम स्थित YES Bank खाते में जमा हुए थे। साइबर टीम ने गुरुग्राम में दबिश देकर एक आरोपी को गिरफ्तार किया।

 

गिरफ्तार आरोपी का विवरण

 

राधेश्याम पिता धनाराम

उम्र 20 वर्ष, निवासी कुशलावा, जिला जोधपुर (राजस्थान)

→ यह आरोपी बैंक खातों से ठगी की राशि निकालकर 2% कमीशन में गिरोह तक पहुंचाता था।

 

 

 

दूसरा मामला: फर्जी ट्रेडिंग में दुगना पैसा देने का झांसा, 1.21 करोड़ की ठगी

 

राजनांदगांव के युवा व्यापारी आयुष अग्रवाल को साइबर नेटवर्क ने फर्जी ऑनलाइन फॉरेक्स/ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए निवेश के लिए उकसाया।

 

शुरुआत में विश्वास जीतने के लिए ठगों ने प्लेटफॉर्म से 15,000 रूपए का छोटा मुनाफा व्यापारी के खाते में भेजा। उसके बाद बड़े रिटर्न का प्रलोभन देकर अलग-अलग खातों में कुल 1,21,53,590 रूपए जमा करा लिए।

 

जब पीड़ित ने मुनाफे की राशि निकालनी चाही, तो ठगों ने बहाने शुरू कर दिए। संदेह होने पर व्यापारी ने साइबर हेल्पलाइन 1930 और कोतवाली में अपराध क्रमांक 656/2025 दर्ज कराया।

 

साइबर टीम ने मनी ट्रेल का पीछा करते हुए सीहोर और इंदौर में दबिश दी। जांच में सामने आया कि करीब 9 लाख रुपए “किसान बाजार” नाम से चल रहे एक करंट अकाउंट में जमा हुए थे, जिसे मोटी रकम लेकर साइबर गैंग को बेचा गया था।

 

गिरफ्तार आरोपी

 

1. धीरज सिंह पिता गुलाब सिंह

निवासी अंजनी नगर, काजीखेड़ी थाना पार्वती (मध्यप्रदेश)

 

 

2. अरविंद ठाकुर पिता मनोज सिंह ठाकुर

निवासी मुकाती कॉलोनी, आष्टा, जिला सीहोर (म.प्र.)

 

 

3. डिम्पल सिंह यादव पिता रणबीर सिंह

निवासी भिण्डावास, जिला झज्जर (हरियाणा)

→ साइबर सिक्योरिटी का B.Tech छात्र, जो 2.8% कमीशन पर बैंक अकाउंट उपलब्ध कराता था एवं पेमेंट क्रिप्टो USDT में लेता था।

साइबर सेल की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से करोड़ों की ठगी के मामलों में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि अज्ञात वीडियो कॉल, फर्जी अधिकारी, और ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर किसी भी तरह की मांग पर तुरंत 1930 पर शिकायत दर्ज करें।

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