स्कूलों में आवारा कुत्तों पर अब शिक्षकों की निगरानी: डीपीआई का आदेश जारी
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रायपुर। प्रदेश के स्कूल परिसरों में बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग ने एक अहम कदम उठाया है। लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) ने आवारा कुत्तों के प्रबंधन के लिए नया आदेश जारी किया है, जिसके तहत अब स्कूलों के प्राचार्य और संस्था प्रमुख नोडल अधिकारी बनाए जाएंगे। यह निर्देश सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और शिक्षा संभाग कार्यालयों को भेजा गया है।
डीपीआई द्वारा जारी आदेश में सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्वतः संज्ञान लेकर की गई सुनवाई और उसके निर्देशों का उल्लेख किया गया है। आदेश में आवारा कुत्तों के नियंत्रण के लिए तीन महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल हैं:
1. प्राचार्य/संस्था प्रमुख नोडल अधिकारी:
हर स्कूल में प्राचार्य या संस्था प्रमुख को नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। वे स्कूल के आसपास घूम रहे आवारा कुत्तों की सूचना ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत या नगर निगम के डॉग कैचर नोडल अधिकारी को देंगे।
2. कुत्तों के प्रवेश पर रोक:
शाला प्रमुख स्थानीय निकायों के सहयोग से यह सुनिश्चित करेंगे कि आवारा कुत्ते स्कूल परिसर में प्रवेश न कर सकें। इसके लिए आवश्यक सुरक्षा प्रबंध किए जाएंगे।
3. छात्र को कुत्ते के काटने पर त्वरित उपचार:
किसी छात्र को आवारा कुत्ते द्वारा काटे जाने की स्थिति में उसे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर उपचार दिलाना अनिवार्य होगा।
डीपीआई ने गुरुवार को सभी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे तत्काल प्रभाव से इन नियमों का पालन सुनिश्चित करें, ताकि बच्चों की सुरक्षा और आवारा कुत्तों के प्रभावी नियंत्रण को मजबूत किया जा सके।

