बलरामपुर में शिक्षकों का निजी डेटा लीक, साइबर गैंग सक्रिय — कई शिक्षक बने ठगी के शिकार
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बलरामपुर। जिले में शिक्षकों का निजी डेटा लीक होने के बाद साइबर ठग सक्रिय हो गए हैं। पिछले कुछ दिनों में दो से अधिक शिक्षक साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं और उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस में दर्ज कराई है। हैरानी की बात यह है कि जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) मनिराम यादव भी ठगों के निशाने पर हैं।
जानकारी के अनुसार, साइबर अपराधी खुद को कभी किसी शिक्षक के रूप में तो कभी किसी अधिकारी के रूप में पेश कर फोन कर रहे हैं। ठगों के पास शिक्षकों की पोस्टिंग, पिछले कार्यस्थल, नाम सहित पूरा डेटा उपलब्ध है जिसका उपयोग वे लोगों को झांसे में लेने के लिए कर रहे हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि जशपुर में पदस्थ रहने के दौरान भी उन्हें साइबर ठगों ने कॉल किया था, जहां ठगों ने खुद को जशपुर के टीआई के रूप में प्रस्तुत कर ठगी की कोशिश की थी। हालांकि उन्होंने समय रहते ठग की मंशा समझकर नंबर ब्लॉक कर दिया।
उन्होंने जिले के सभी शिक्षकों से अपील की है कि किसी भी अनजान नंबर से आए कॉल या संदेश पर भरोसा न करें और व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचें।
इस बीच, जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि शिक्षकों का डेटा कहां से लीक हुआ और क्या साइबर अपराधियों ने कोई नया तरीका अपनाया है। जिला प्रशासन ने भी इस मामले में सतर्कता बढ़ाने के निर्देश जारी किए हैं।
