डिजिटल ISIS मॉड्यूल का भंडाफोड़: इंस्टाग्राम पर नाबालिग चला रहा था नेटवर्क, ATS की बड़ी कार्रवाई

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रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस की एंटी टेररिज्म स्क्वाड (ATS) ने देश में पहली बार नाबालिगों द्वारा संचालित एक डिजिटल ISIS मॉड्यूल का खुलासा किया है। यह मॉड्यूल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के माध्यम से सक्रिय था और जांच में इसका सीधा कनेक्शन पाकिस्तान आधारित डिजिटल नेटवर्क से पाया गया। अधिकारियों के अनुसार इसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय किशोरों को कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़कर संगठनात्मक गतिविधियों की ओर आकर्षित करना था।

 

यह पूरी कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (इंटेलिजेंस) अमित कुमार के निर्देशन में, पुलिस अधीक्षक (एटीएस) राजश्री मिश्रा और उप पुलिस महानिरीक्षक (इंटेलिजेंस) अजातशत्रु बहादुर सिंह की टीम द्वारा समन्वित की गई।

 

मुख्य आरोपी 16 वर्षीय किशोर, इंस्टाग्राम से बना विदेशी नेटवर्क का हिस्सा:-

 

ATS ने जिस 16 वर्षीय आरोपित किशोर को पकड़ाया है, वह मूल रूप से भिलाई का निवासी है और पिछले दो वर्षों से रायपुर के टिकरापारा क्षेत्र में रह रहा था। वह एक इंग्लिश मीडियम स्कूल का छात्र है और CBSE की परीक्षा की तैयारी कर रहा था।

जांच में सामने आया कि किशोर इंस्टाग्राम के माध्यम से पाकिस्तान में बैठे एक डिजिटल हैंडलर से जुड़ा, जिसने उसे जिहादी विचारधारा, संवेदनशील सूचनाएं जुटाने और नेटवर्क विस्तार जैसे निर्देश देने शुरू कर दिए।

 

शुरुआत धार्मिक संवाद से हुई, लेकिन बाद में बातचीत हिंसक वीडियो, कट्टरपंथी सामग्री और संवेदनशील स्थानों की जानकारी साझा करने तक पहुंच गई।

 

“ISIS Raipur” नाम से बनाया गया इंस्टाग्राम ग्रुप:-

किशोर ने “ISIS Raipur” नाम से इंस्टाग्राम पर एक ग्रुप बनाया था, जिसमें 46 सदस्य जुड़े थे। ATS की कार्रवाई के वक्त 6 सदस्य सक्रिय पाए गए। नए नाबालिगों को सोशल मीडिया इनवाइट और निजी चैट के ज़रिए जोड़कर बाद में एन्क्रिप्टेड चैट रूम में शिफ्ट किया जाता था।

हाईटेक स्क्रीनिंग में पकड़ा गया मॉड्यूल:-

खुफिया एजेंसियों को इस नेटवर्क की भनक तब लगी जब हजारों इंस्टाग्राम प्रोफाइल की स्क्रीनिंग के दौरान संदिग्ध गतिविधियां सामने आईं। कई अकाउंट पर मिले संदेशों में गैर-मुस्लिमों के विरुद्ध नफरत फैलाने, कश्मीर को “इस्लामिक स्टेट” घोषित करने, हथियारों की उपलब्धता और संभावित हमलों से जुड़े संकेत मिले।

ATS की पूछताछ में “ऑपरेशन सिंदूर” नामक संदर्भ भी मिला—जिसमें संवेदनशील सूचनाएं एकत्र करने और विशेष कार्यों से जुड़े निर्देश मिले, जिससे बड़े अंतरराष्ट्रीय मॉड्यूल से संबंध के संकेत मजबूत हुए।

लैपटॉप, मोबाइल और एन्क्रिप्टेड डाटा जब्त:-

तलाशी के दौरान ATS ने लैपटॉप, दो मोबाइल फोन, हटाए गए चैट लॉग, क्लाउड बैकअप, वीडियो-ऑडियो फाइलें और कई प्रतिबंधित चैट रूम के रिकॉर्ड जब्त किए हैं। कार्रवाई UAPA के तहत अपराध क्रमांक 01/25 दर्ज कर आगे बढ़ाई गई।

नाबालिगों को किशोर न्याय बोर्ड में पेश किया गया:-

ATS ने रायपुर और भिलाई से दो नाबालिगों को हिरासत में लिया। अभिभावकों की मौजूदगी में पूछताछ के बाद उन्हें किशोर न्याय बोर्ड की प्रधान दंडाधिकारी कमिनी वर्मा के सामने प्रस्तुत किया गया। अदालत ने दोनों को माना स्थित किशोर निवास गृह भेजने का आदेश दिया।

अधिकारियों के अनुसार जांच अभी जारी है और डिजिटल साक्ष्यों की तकनीकी पड़ताल की जा रही है। साथ ही स्थानीय व विदेशी कनेक्शनों की भूमिका पर भी विस्तृत जांच की जा रही है।

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