CG KYC Update: किसान योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा,531 नाबालिग बने ‘किसान’, बंद हुए खाते…NV News

Share this

बिलासपुर/(CG KYC Update): बिलासपुर में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan Samman Nidhi) योजना के तहत बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। जिले में 531 नाबालिगों को किसानों के रूप में पंजीकृत कर योजना का लाभ दिलाया जा रहा था। आधार और राशन कार्ड केवायसी अपडेट के दौरान यह गड़बड़ी उजागर हुई। कृषि विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इन सभी खातों को बंद कर दिया है।

अब इन नाबालिग लाभार्थियों को 21वीं किस्त का पैसा नहीं मिलेगा। विभाग ने साफ कर दिया है कि जो लाभार्थी 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं, उन्हें अपनी बालिगता का प्रमाण पत्र और अद्यतन दस्तावेज जमा करने होंगे, तभी अगली किस्त जारी की जाएगी।

10 लाख से अधिक की राशि गलत हाथों में गई:

2018 में योजना शुरू होने के बाद से अब तक बिलासपुर जिले में इन 531 नाबालिगों के खातों में 10 लाख 62 हजार रुपये से अधिक की राशि भेजी जा चुकी है। योजना के नियमों के अनुसार, केवल 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के किसान ही पात्र हैं, लेकिन दस्तावेजों की जांच के अभाव में ये किशोर भी लाभार्थी बन गए।

कृषि विभाग की आंतरिक रिपोर्ट के मुताबिक, इन नाबालिगों को हर साल ₹6,000 की दर से सहायता दी जा रही थी। यानी हर वर्ष करीब ₹31.86 लाख की राशि नियमों के विरुद्ध वितरित हो रही थी।

केवायसी अपडेट ने खोली पोल:

केंद्र सरकार द्वारा 20वीं किस्त जारी करने के बाद जब लाभार्थियों के आधार व राशन कार्ड की KYC अपडेट प्रक्रिया शुरू हुई, तब यह अनियमितता सामने आई। कई खातों में लाभार्थियों की उम्र 18 वर्ष से कम पाई गई।

जांच में सामने आया कि कुछ मामलों में अभिभावकों ने अपने बच्चों के नाम पर खेती की जमीन दर्ज कराई और उन्हीं के आधार पर उन्हें किसान घोषित कर दिया गया। वहीं, कुछ जगहों पर पंजीयन के दौरान अधिकारियों ने उम्र की जांच नहीं की, जिससे यह गड़बड़ी बढ़ती चली गई।

अब विभाग करेगा सख्त कार्रवाई:

कृषि विभाग ने अब इन सभी 531 लाभार्थियों की सूची तैयार कर ली है। विभाग ने इन सभी के खाते अस्थायी रूप से बंद कर दिए हैं और 21वीं किस्त से वंचित रखने का निर्णय लिया है।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, आगे से पंजीयन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और सत्यापित करने की योजना है ताकि इस तरह की गलती दोबारा न हो। साथ ही, संबंधित पंचायतों और कृषि अधिकारियों से भी जवाब-तलबी की जा रही है कि पंजीयन के दौरान आयु सत्यापन क्यों नहीं किया गया।

बालिग होने पर ही फिर से मिलेगा लाभ:

जिन लाभार्थियों का नाम इस नाबालिग सूची में शामिल है, उन्हें 21वीं किस्त नहीं दी जाएगी। 18 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद वे अपने दस्तावेजों के साथ विभाग में दोबारा आवेदन कर सकते हैं।इसके लिए उन्हें:-

1.आधार कार्ड व राशन कार्ड अपडेट कराना होगा।

2.बालिगता का प्रमाण पत्र जमा करना होगा।

3.नई KYC प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

इन सभी औपचारिकताओं के बाद ही उन्हें योजना का लाभ दोबारा मिल सकेगा।

क्या है पीएम किसान योजना:

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत वर्ष 2018 में हुई थी। इस योजना के तहत देशभर के पात्र किसानों को सालाना ₹6,000 की सहायता राशि तीन समान किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में दी जाती है।

सरकार का उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है ताकि वे खेती से जुड़ी जरूरतों को पूरा कर सकें। परंतु बिलासपुर जैसे मामलों ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जमीनी स्तर पर सत्यापन प्रक्रिया कितनी लापरवाह रही है।

जांच से मिले संकेत:

कृषि विभाग के अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि बिलासपुर ही नहीं, बल्कि राज्य के अन्य जिलों में भी इस तरह के पंजीकरण हो सकते हैं। विभाग अब सभी जिलों में KYC सत्यापन अभियान चलाने की तैयारी में है ताकि वास्तविक किसानों की पहचान सुनिश्चित की जा सके।

बिलासपुर में उजागर हुई यह घटना सिर्फ एक प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि एक गंभीर लापरवाही है, जिसने सरकारी धन के दुरुपयोग की पोल खोल दी है। अब उम्मीद की जा रही है कि केवायसी अपडेट (KYC Update) की प्रक्रिया से योजना की पारदर्शिता बढ़ेगी और वास्तविक किसानों को ही उनका हक मिल सकेगा।

Share this

You may have missed