CG Suicide Case: आत्मसमर्पण के बाद कैदी ने खाया जहर,जेल कर्मियों पर लगे गंभीर आरोप…NV News
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बिलासपुर/(CG Suicide Case): हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे फरार कैदी मुकेश कांत ने मंगलवार को बिलासपुर में जिला कलेक्टर के सामने आत्मसमर्पण करने के कुछ घंटे बाद ही जहर खा लिया। फिलहाल उसे सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
जानकारी अनुसार, मल्हार निवासी मुकेश कांत अंबिकापुर जेल में सजा काट रहा था। फरवरी 2025 में उसे इलाज के लिए अस्पताल लाया गया था, जहां से वह प्रहरी को चकमा देकर फरार हो गया। आठ महीने तक फरारी में रहने के बाद मंगलवार को उसने पत्नी अमरीका बाई कुर्रे के साथ बिलासपुर कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर आत्मसमर्पण किया।
कलेक्टर के समक्ष दिए आवेदन में उसकी पत्नी ने अंबिकापुर जेल के प्रहरियों पर गंभीर आरोप लगाए। उसने कहा कि जेल में मुकेश के साथ लगातार मारपीट और मानसिक प्रताड़ना की जाती थी। जेल कर्मी उससे पैसों की वसूली करते थे और रुपये नहीं देने पर गाली-गलौज व हिंसा करते थे। पत्नी ने आरोपों के समर्थन में बैंक ट्रांजेक्शन के सबूत भी आवेदन के साथ पेश किए।
कलेक्टर के निर्देश पर सिविल लाइन पुलिस ने मुकेश को जेल भेजा, लेकिन रात में किसी कारणवश जेल प्रशासन ने उसे वापस पुलिस थाने लाकर छोड़ दिया। बताया गया कि थाने ने उसे अपने पास रखने से इनकार कर दिया, जिसके बाद मुकेश कुछ देर थाने के बाहर रुका और फिर रिश्तेदारों के साथ चला गया। देर रात उसने घर जाकर जहरीला पदार्थ खा लिया।
परिजनों ने तुरंत उसे सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर बताई।मुकेश कांत को पहले बिलासपुर जेल में रखा गया था, लेकिन वहां हुए विवाद और झगड़े के बाद उसे अंबिकापुर जेल स्थानांतरित किया गया था। वहीं, जेल में दुर्व्यवहार और उगाही की शिकायतों ने एक बार फिर जेल प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब यह मामला जिला प्रशासन और जेल विभाग दोनों के लिए जांच का विषय बन गया है। वहीं, परिवार का आरोप है कि अगर जेल प्रहरियों की प्रताड़ना और लापरवाही न होती, तो मुकेश को यह कदम नहीं उठाना पड़ता।
