CG Conversion Case: पैसों के लालच में फंसे लोग, छह आरोपी गिरफ्तार…NV News

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रायपुर/(CG Conversion Case): राजधानी रायपुर के परशुराम नगर (पुरैना) इलाके में शनिवार शाम धर्मांतरण को लेकर जमकर हंगामा हो गया। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि कुछ लोग इलाज और पैसों का लालच देकर गरीबों का धर्म बदलवाने की कोशिश कर रहे थे। इस सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने छह लोगों-चार पुरुष और दो महिलाओं को हिरासत में लेकर मामला दर्ज किया है।

दरअसल,घटना की शुरुआत तब हुई जब इलाके में रहने वाले कुछ लोगों ने शिकायत की कि ईसाई समुदाय से जुड़े कुछ लोग मयाराम नामक व्यक्ति के घर में बैठकों का आयोजन कर रहे थे। बताया गया कि इन बैठकों में बीमार या आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को “इलाज” और “मदद” के नाम पर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था।

सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में बजरंग दल के कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मयाराम के घर के बाहर जमा हो गए। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई। लोगों ने जमकर नारेबाजी की और हनुमान चालीसा का पाठ करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। कुछ लोग घर के अंदर भी घुस गए और आरोपियों से बहस करने लगे। इस दौरान पुलिस को हालात नियंत्रित करने के लिए बीच-बचाव करना पड़ा।

राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार लोगों में गायत्री यादव, प्रफुल्ला पन्का, किशोर सेनापति, चौधरी बेसरा, आशीष नाग और सिकंदर सिंह शामिल हैं। इन पर आरोप है कि ये लोग आम जनता को बहला-फुसलाकर, आर्थिक सहायता और इलाज का भरोसा देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे थे। पुलिस ने मौके से कुछ धार्मिक पुस्तिकाएं और प्रचार सामग्री भी बरामद की है।

इलाज के बहाने धर्मांतरण का आरोप:

स्थानीय निवासी रितु राजपूत ने बताया कि उसे बीमार होने पर किसी ने “इलाज की प्रार्थना” के नाम पर बुलाया था। लेकिन वहां जाने पर उससे धर्म परिवर्तन करने के लिए दबाव डाला गया। इसी के बाद मोहल्ले के लोगों ने बजरंग दल को सूचना दी, जिसके बाद हंगामा शुरू हो गया।

बजरंग दल का आरोप और प्रदर्शन:

बजरंग दल के जिला संयोजक ने कहा कि यह रायपुर में धर्मांतरण कराने की एक सुनियोजित साजिश है। उन्होंने मांग की कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। प्रदर्शन के दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं ने “जय श्री राम” और “धर्मांतरण बंद करो” के नारे लगाए।

पुलिस की कार्रवाई:

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह ने बताया कि परशुराम नगर के कुछ निवासियों ने धर्मांतरण की शिकायत करते हुए लिखित आवेदन दिया था। जांच के बाद छह लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा, “धर्मांतरण के आरोपों की जांच की जा रही है। यदि साक्ष्य पुख्ता मिले तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।”

पुलिस ने फिलहाल धारा 295 ए (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने) और संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि माहौल शांत रहे।

माहौल में तनाव, निगरानी बढ़ाई गई:

घटना के बाद परशुराम नगर और आसपास के इलाकों में तनाव का माहौल है। पुलिस ने एहतियात के तौर पर पेट्रोलिंग बढ़ा दी है और स्थानीय लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

इस घटना ने एक बार फिर राज्य में धर्मांतरण के मुद्दे को गरमा दिया है। सामाजिक संगठनों का कहना है कि प्रशासन को ऐसे मामलों पर त्वरित और पारदर्शी कार्रवाई करनी चाहिए ताकि समुदायों के बीच अविश्वास न बढ़े।

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