CG News:आरती में भालू की हजारी, प्रसाद खाकर लौटता जंगल…NV News 

Share this

धमतरी/(CG News): नवरात्रि के अवसर पर देशभर के मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। माता की भक्ति और आस्था के इस माहौल में धमतरी जिले के गढ़डोंगरी गांव का एक प्राचीन गणेश मंदिर इन दिनों खास चर्चा में है। वजह है कि,यहाँ रोज़ाना होने वाली एक अनोखी घटना। मंदिर की संध्या आरती में जहां श्रद्धालु शामिल होते हैं, वहीं जंगल से निकलकर एक भालू भी आ जाता है।

जानकारी अनुसार,गांव के लोगों ने बताया कि,यह घटना कोई नई नहीं है। पिछले कुछ समय से हर शाम जब मंदिर में आरती शुरू होती है, तो यह भालू मंदिर परिसर में पहुँच जाता है। आरती की धुन बजते ही वह चुपचाप बैठकर वातावरण में डूब जाता है। ग्रामीण बताते हैं कि भालू बिल्कुल शांत स्वभाव से मंदिर में आता है और आरती समाप्त होने तक वहीं रहता है।

आरती के बाद जब प्रसाद वितरण शुरू होता है तो यह भालू भी बाकायदा प्रसाद लेता है। आश्चर्य की बात यह है कि अब तक उसने कभी किसी श्रद्धालु को नुकसान नहीं पहुँचाया है। प्रसाद खाकर वह सीधे जंगल की ओर लौट जाता है। इस नज़ारे को देखने के लिए अब दूर-दराज़ के लोग भी गढ़डोंगरी गांव पहुँच रहे हैं।

मंदिर समिति के सदस्यों का कहना है कि शुरू में ग्रामीणों को डर लगा था, लेकिन भालू की शांत प्रवृत्ति देखकर अब लोग इसे भगवान की कृपा मानने लगे हैं। कई लोग इसे दैवीय चमत्कार भी बता रहे हैं। वहीं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह दृश्य किसी कथा-कहानी जैसा अनुभव कराता है।

वन विभाग को भी इस अनोखी घटना की जानकारी है। अधिकारियों का कहना है कि भालू का बार-बार इंसानों के बीच आना सामान्य नहीं है। इसे लेकर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी अप्रिय घटना को टाला जा सके। ग्रामीणों से भी अपील की गई है कि वे सावधानी बरतें और भालू के करीब जाने की कोशिश न करें।

फिलहाल, यह भालू गढ़डोंगरी के गणेश मंदिर की पहचान बन चुका है। भक्तों का मानना है कि जैसे इंसान आस्था से खिंचे चले आते हैं, वैसे ही यह वन्य जीव भी ईश्वर की भक्ति में आकर्षित होकर मंदिर पहुँच रहा है।

Share this

You may have missed