CG Rape Case: नाबालिग से दुष्कर्म,20 साल की कैद और ₹5 लाख का मुआवजा…NV News

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मुंगेली/(CG Rape Case): पॉक्सो कोर्ट मुंगेली ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी अजय जांगड़े को 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने पीड़िता को ₹5 लाख का क्षतिपूर्ति मुआवजा दिलाने का आदेश दिया।

दरअसल,यह फैसला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, फास्ट ट्रैक कोर्ट (FTC) मुंगेली की अदालत ने सोमवार सुबह करीब 11 बजे सुनाया। अदालत ने यह माना कि घटना के समय पीड़िता नाबालिग थी और आरोपी ने गंभीर अपराध किया।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, अजय जांगड़े पिता रामकुमार जांगड़े ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया था। घटना की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पीड़िता की उम्र से संबंधित दस्तावेज और मेडिकल रिपोर्ट पेश किए गए। इन सबूतों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि घटना के समय पीड़िता नाबालिग थी।

बता दें,अभियोजन ने कोर्ट में कुल आठ गवाह पेश किए। गवाहों के बयानों और दस्तावेजों के आधार पर कोर्ट ने माना कि आरोपी का अपराध साबित हो गया है। अदालत ने पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 20 साल का सश्रम कारावास और भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत सजा सुनाई।

न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि नाबालिगों के साथ यौन अपराध बेहद गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में सख्त सजा देकर समाज में संदेश देना जरूरी है। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि ₹5 लाख का मुआवजा पीड़िता को शीघ्र उपलब्ध कराया जाए, ताकि वह मानसिक और सामाजिक पुनर्वास कर सके।

इस मामले में पुलिस की जांच और अभियोजन पक्ष की तैयारी को अदालत ने सराहा। मजबूत सबूत और गवाहों की स्पष्ट गवाही ने आरोपी को दोषी साबित करने में अहम भूमिका निभाई।

इस फैसले के साथ ही कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि नाबालिगों के खिलाफ अपराध करने वालों को किसी भी तरह की राहत नहीं दी जाएगी और ऐसे अपराधियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

यह फैसला न केवल पीड़िता को न्याय दिलाने वाला है, बल्कि समाज के लिए भी चेतावनी है कि नाबालिगों के प्रति किसी भी प्रकार का अपराध अस्वीकार्य है और इसका परिणाम बेहद कठोर हो सकता है।

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