“CG Liquor Scam”: 10 अफसरों को सुप्रीम कोर्ट से राहत,दो डायरेक्टर रिमांड पर…NV News 

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रायपुर।छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 32 हजार करोड़ रुपए के शराब घोटाले में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। घोटाले में फंसे आबकारी विभाग के 10 अधिकारियों को अदालत से अस्थायी राहत मिली है। इन सभी को विशेष न्यायालय (ईओडब्ल्यू-एसीबी) में अगली पेशी के दौरान व्यक्तिगत जमानत बांड दाखिल कर अग्रिम जमानत प्राप्त करने का निर्देश दिया गया है। वहीं शेष 18 अधिकारियों की सुनवाई 1 सितंबर को होगी।

इसके साथ ही, झारखंड की रांची जेल से लाए गए ओम साईं बेवरेजेस प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर अतुल सिंह और मुकेश मनचंदा को कोर्ट ने आठ दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। जांच एजेंसियां अब दोनों से घोटाले के पैसों के स्रोत और लेनदेन की पूरी जानकारी खंगालेंगी।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश:

शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट की बेंच, जिसमें जस्टिस सूर्यकांत, जायमाला बागची और विपुल पंचोली शामिल थे, ने आबकारी अधिकारियों की याचिकाओं पर सुनवाई की। अदालत ने कहा कि 10 अधिकारियों को अगली पेशी पर 23 सितंबर को विशेष न्यायालय में व्यक्तिगत जमानत बांड प्रस्तुत कर अग्रिम जमानत का लाभ मिल सकता है।साथ ही, कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार को भी नोटिस जारी कर 10 अक्टूबर तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

किन अधिकारियों को मिली राहत:

सुप्रीम कोर्ट से जिन अधिकारियों को राहत मिली है उनमें शामिल हैं:-

• अरविंद कुमार पाटले

• जनार्दन सिंह कौरव

• विकास कुमार गोस्वामी

• नोहर सिंह ठाकुर

• इकबाल अहमद खान

• अनंत कुमार सिंह

• नीतू नोतानी ठाकुर

• विजय सेन

• दिनकर वासनिक

• अनिमेष नेताम

इन सभी को अग्रिम जमानत के लिए विशेष न्यायालय में जमानत बांड दाखिल करना होगा।

जिनकी सुनवाई 1 सितंबर को:

सुप्रीम कोर्ट ने बाकी 18 अधिकारियों की जमानत याचिका पर सुनवाई 1 सितंबर को तय की है। इनमें सहायक आबकारी आयुक्त से लेकर जिला स्तर के कई अधिकारी शामिल हैं, जिन पर आरोप है कि उन्होंने अपने-अपने कार्यकाल के दौरान अवैध वसूली की।

घोटाले का आरोप:

राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने इस घोटाले में 29 आबकारी अधिकारियों के खिलाफ पिछले महीने विशेष न्यायालय में चालान पेश किया था। इनमें से छह अधिकारी रिटायर हो चुके हैं, एक की मृत्यु हो गई है, जबकि बाकी 22 अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।

जांच में खुलासा हुआ कि वर्ष 2019 से 2023 के बीच 15 जिलों में पोस्टिंग के दौरान अधिकारियों ने मिलकर करीब 90 करोड़ रुपए की अवैध वसूली की। बताया जाता है कि यह रकम आगे बड़े घोटाले के जाल में पहुंचाई जाती थी।गिरफ्तारी से बचने के लिए सभी अधिकारियों ने पहले बिलासपुर हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी, लेकिन वहां उनकी याचिकाएं खारिज हो गईं। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने उनकी ओर से पैरवी की।

अतुल और मुकेश 8 दिन की रिमांड पर:

शराब घोटाले के प्रमुख आरोपियों में शामिल ओम साईं बेवरेजेस प्रा. लि. के डायरेक्टर. (Om Sai Beverages Pv.Ltd. director) अतुल सिंह और मुकेश मनचंदा को शुक्रवार को रांची जेल से रायपुर लाया गया। विशेष न्यायालय में पेशी के दौरान ईओडब्ल्यू (EOW) ने दोनों को रिमांड पर लेने की मांग की।

अदालत ने सुनवाई के बाद दोनों आरोपितों को 8 दिन की रिमांड यानी 6 सितंबर तक ईओडब्ल्यू की हिरासत में भेजने का आदेश दिया।

जांच एजेंसी का कहना है कि पूछताछ के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि घोटाले का पैसा कहां-कहां गया और किन-किन लोगों तक पहुंचा। एजेंसी को उम्मीद है कि पूछताछ से घोटाले की और परतें खुलेंगी।

दो महीने पहले हुई थी गिरफ्तारी:

झारखंड में भी शराब घोटाले की जांच चल रही है। वहां की ईओडब्ल्यू ने करीब दो महीने पहले अतुल सिंह और मुकेश मनचंदा को पूछताछ के लिए बुलाया था। जब उनके जवाब संतोषजनक नहीं मिले, तो दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद उन्हें रांची जेल भेज दिया गया था।अब छत्तीसगढ़ की ईओडब्ल्यू ने कोर्ट की अनुमति से दोनों को ट्रांजिट रिमांड पर लाकर रायपुर में पेश किया है।

जांच अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े और भी लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा सकती है। माना जा रहा है कि जैसे-जैसे पूछताछ आगे बढ़ेगी, घोटाले की पूरी तस्वीर और साफ होगी।

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