“Digital War”: सशक्त ऐप से जाल में फंसे बाइक चोर…NV News

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दुर्ग(छ.ग)। तकनीक का सही उपयोग अपराधियों पर लगाम कसने में किस तरह मददगार साबित हो सकता है, इसका एक ताज़ा उदाहरण दुर्ग जिले में देखने को मिला है। जामुल थाना पुलिस ने सशक्त ऐप की मदद से वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले तीन नाबालिग चोरों को धर दबोचा। ये आरोपी लंबे समय से इलाके में मोटरसाइकिल चोरी कर पुलिस को चुनौती दे रहे थे।
जानकारी अनुसार, शिवपुरी और जामुल क्षेत्र से बीते कुछ हफ्तों में कई दोपहिया वाहन चोरी की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। ज्यादातर घटनाएँ रात्रि के समय होती थीं, जिससे पुलिस के सामने आरोपियों की पहचान करना मुश्किल हो रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जामुल पुलिस ने सशक्त ऐप के जरिए संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई। इसी दौरान चोरी की मोटरसाइकिलों का सुराग मिला और तीन नाबालिग आरोपियों को पकड़ लिया गया।
पुलिस ने जब उनसे पूछताछ की तो खुलासा हुआ कि ये तीनों नाबालिग रात के अंधेरे का फायदा उठाकर अलग-अलग जगहों से बाइक चोरी करते थे। चोरी की गाड़ियों को वे या तो सस्ते दामों में बेच देते थे या फिर खुद उपयोग करते थे। इनकी गिरफ्तारी के साथ कई पुराने मामलों का भी राज़ खुल गया है।
थाना प्रभारी ने बताया कि सशक्त ऐप पुलिस की कार्यप्रणाली में बड़ी मदद साबित हो रहा है। इस ऐप के जरिए वाहन चोरी जैसे मामलों पर नज़र रखना आसान हो गया है। चोरी की गाड़ियों का डेटा तुरंत अपडेट होने से अपराधियों तक पहुंच बनाना पहले से अधिक प्रभावी हो गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नाबालिग होने के कारण आरोपियों को किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई हेतु बाल सुधार गृह भेजा जाएगा। साथ ही, उनके परिजनों को भी समझाइश दी गई है कि बच्चों पर नज़र रखें ताकि वे गलत संगत में न पड़ें।यह पूरी कार्रवाई न केवल पुलिस की सक्रियता को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि डिजिटल तकनीक का सही उपयोग अपराध रोकने में कितना कारगर हो सकता है।