“CG Environmental Pollution”:फैक्ट्री के वेस्ट मटेरियल ने ली 18 मवेशियों की जान, प्रशासन पर उठे सवाल, जानिए पूरी खबर…

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NV News: राजधानी रायपुर से करीब 25 किलोमीटर दूर स्थित संकरी गांव में एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। गांव के पास स्थित एक फैक्ट्री के औद्योगिक अपशिष्ट पदार्थ (Waste material)के कारण 18 मवेशियों की संदिग्ध मौत हो गई। ग्रामीणों ने इस घटना को फैक्ट्री प्रबंधन की गंभीर लापरवाही करार दिया है और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब गांव के कई मवेशी रोज़ की तरह चरने के लिए खेतों की ओर गए थे। खेत के किनारे फैक्ट्री का वेस्ट मटेरियल फेंका गया था, जिसे मवेशियों ने खा लिया। कुछ ही घंटों में 14 भेड़ें और 4 भैंसों की मौत हो गई। मृत मवेशियों में ग्राम संकरी निवासी रोहित पाल की 14 भेड़ें और तिहारू यादव की तीन भैंसें शामिल हैं। वहीं, एक और भैंस की भी मौत की पुष्टि की गई है।
बता दें,घटना की जानकारी मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। गुस्साए ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों का आरोप है कि फैक्ट्री द्वारा अपशिष्ट पदार्थों को खुले में फेंकने की यह पहली घटना नहीं है, लेकिन इस बार इसकी कीमत मासूम मवेशियों की जान से चुकानी पड़ी है।
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई:
मामले की सूचना मिलते ही विधानसभा थाना पुलिस, क्षेत्रीय एसडीएम (SDM)और पशु चिकित्सा अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। पशु चिकित्सक( Animals Veterinary)की टीम ने मवेशियों के शवों का पोस्टमार्टम शुरू कर दिया है ताकि मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट हो सके। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नाले में बहता जहरीला पानी और फैक्ट्री से निकले अशिष्ट पदार्थ बना खतरा:
ग्रामीणों ने बताया कि घटनास्थल के पास एक नाला बहता है, जिसमें कई फैक्ट्रियों का अपशिष्ट पदार्थ डाला जाता है। आशंका जताई जा रही है कि मवेशियों ने नाले का जहरीला पानी पिया होगा या फिर आसपास बिखरे कचरे को खा लिया होगा,जिससे उनकी जाने चली गई।
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा:
इस घटना के बाद गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि फैक्ट्री को नोटिस देकर उसका संचालन बंद किया जाए, जब तक वह अपने अपशिष्ट प्रबंधन के तरीको में सुधार नहीं करेंगे। और मवेशी मालिकों को भी उचित मुआवजा दिया जाए।
हालांकि, अब तक प्रशासन की ओर से फैक्ट्री पर कोई सीधी कार्रवाई नहीं हुई है और न ही पुष्टि की गई है कि मौत का कारण वेस्ट मटेरियल ही है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।