CG News: कुसमुंडा में महिलाओं का अर्धनग्न प्रदर्शन, भू-विस्थापित महिलाओं का फूटा आक्रोश, विकास के खोखले वादों की खुली पोल- NV News

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N.V.News कोरबा: SECL द्वारा भूमि अधिग्रहण के वर्षों बाद भी रोजगार और पुनर्वास से वंचित भू-विस्थापित महिलाओं ने जब सम्मानपूर्वक मांगों की अनसुनी होती देखी, तो अंततः उन्हें अर्धनग्न होकर प्रदर्शन का चरम कदम उठाना पड़ा। यह प्रदर्शन केवल नाराजगी नहीं, बल्कि शासन और उद्योग की असफल नीतियों के खिलाफ एक तीव्र सामाजिक संदेश है – अब और चुप नहीं बैठेंगे।

कुसमुंडा क्षेत्र की सैकड़ों महिलाएं, जिनकी जमीनें कथित तौर पर “विकास” के नाम पर ली गईं, आज भी रोजगार और मुआवजे से वंचित हैं। SECL और प्रशासन द्वारा लंबे समय से दिए जा रहे आश्वासन मात्र जुमले साबित हुए हैं। महिलाओं का कहना है कि उन्होंने कई बार शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगें रखीं, लेकिन न सुनवाई हुई और न ही समाधान मिला। अब जब स्वाभिमान पर चोट हुई, तो उन्होंने अपने शरीर और आत्मा दोनों की पीड़ा को एक मंच पर रख दिया।

प्रदर्शन केवल महिलाओं की वेदना नहीं, बल्कि पूरे विस्थापित समुदाय की हताशा का प्रतीक बन गया है। यह घटना सवाल उठाती है — क्या सरकार और कंपनियों के लिए केवल ज़मीन मायने रखती है, ज़मीन देने वालों की कोई कीमत नहीं? क्या विकास की गाड़ी केवल पूंजी और परियोजनाओं पर चलेगी, न कि लोगों के अधिकारों पर?

इस विरोध ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब भू-विस्थापित केवल वादों से बहलाए नहीं जाएंगे। प्रशासन और उद्योग दोनों को यह समझना होगा कि जब इंसाफ में देर होती है, तो लोकतंत्र का भरोसा टूटता है।

अब वक्त है कि छत्तीसगढ़ सरकार और SECL इस गंभीर सामाजिक प्रश्न का समाधान ढूंढे। केवल जांच समिति गठित करने से बात नहीं बनेगी, ठोस कार्यवाही, रोजगार का शीघ्र वितरण और मुआवजे की पारदर्शी प्रक्रिया ही इस आक्रोश को शांत कर सकती है।

यह प्रदर्शन चेतावनी है यदि अनदेखी जारी रही, तो जनाक्रोश और अधिक तीव्र होगा, जिसकी जिम्मेदारी फिर शासन और उद्योग दोनों पर होगी।

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