गौवंश तस्करी मामले में प्रशासन की सख्त कार्रवाई – ट्रक राजसात, आरोपी के विरुद्ध कठोर कदम

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NV News मुंगेली:जिले में गौवंश की तस्करी के एक गंभीर मामले में जिला प्रशासन द्वारा सख्त और त्वरित कार्रवाई करते हुए एक ट्रक को राजसात कर लिया गया है। यह कार्रवाई कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट कुन्दन कुमार के स्पष्ट निर्देशों के तहत की गई, जिसमें पशु क्रूरता और अवैध परिवहन जैसे गंभीर अपराध को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है।

पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के प्रतिवेदन के अनुसार, यह घटना 01 सितंबर 2024 की है जब थाना कोतवाली क्षेत्र में चेकिंग के दौरान एक ट्रक (क्रमांक सीजी 04 जेडी 7825) को रोका गया। जांच में पाया गया कि ट्रक में 09 गायें और 04 बछड़े क्रूरता पूर्वक ठूंस-ठूंस कर भरे गए थे। इनमें से एक गाय की मौके पर ही मृत्यु हो चुकी थी। पशुओं को रस्सियों से कसकर बांधा गया था जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं और उनकी जान को खतरा उत्पन्न हुआ।

पुलिस जांच में सामने आया कि देवराज भोई नामक आरोपी इन पशुओं को बूचड़खाने ले जा रहा था। पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट हो गया कि आरोपी और उसके सहयोगियों ने जानवरों के साथ अमानवीय व्यवहार किया, जो न केवल पशु क्रूरता अधिनियम का उल्लंघन है, बल्कि छत्तीसगढ़ कृषि पशु परिरक्षण अधिनियम 2014 की भी अवहेलना है।

मामले में संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करते हुए आरोपी देवराज भोई को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा ट्रक के मालिक हबीब खान, निवासी दुर्ग चौक, बलौदा बाजार के विरुद्ध भी वैधानिक कार्रवाई की गई है। जांच उपरांत जिला प्रशासन ने पशु परिरक्षण अधिनियम की धारा-7 के अंतर्गत ट्रक को राजसात कर लिया है।

प्रशासन ने यह भी घोषणा की है कि राजसात किए गए ट्रक की नीलामी की जाएगी और उससे प्राप्त राशि को शासन के खाते में जमा कराया जाएगा। इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया है कि जिले में पशु तस्करी, क्रूरता या अवैध परिवहन जैसे अपराध किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।

कलेक्टर कुन्दन कुमार ने कहा कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने पशु कल्याण और कानून व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

यह कार्रवाई न केवल प्रशासनिक सख्ती का उदाहरण है, बल्कि समाज में पशु अधिकारों और नैतिक मूल्यों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। प्रशासन की इस पहल को आम जनता ने भी सराहा है, और उम्मीद जताई है कि भविष्य में ऐसे अपराधों पर अंकुश लगेगा।

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