15 Cows killed in an Accident: सड़क हादसे में फिर गई 15 गौवंशों की जान, सरगांव में दर्दनाक दुर्घटना, प्रशासन सक्रिय पर सवाल बरकरार- NV News

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N.V.News मुंगेली: छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले(Mungeli District) के सरगांव (sargaon) क्षेत्र में एक बार फिर दर्दनाक सड़क हादसे में 15 गौवंशों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना रायपुर-बिलासपुर मुख्य मार्ग पर स्थित बाजार चौक ग्राम किरना के पास हुई, जहां एक वाहन ने गौवंशों को कुचल दिया। जैसे ही घटना की जानकारी मिली, जिला प्रशासन और पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। घायल पशुओं को तत्काल पशु चिकित्सकों की देखरेख में इलाज के लिए भेजा गया, जबकि मृत पशुओं का पोस्टमार्टम कर सरगांव के समीप तय स्थान पर दफनाया गया।

कलेक्टर कुन्दन कुमार, पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल, जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पांडेय, अपर कलेक्टर जी.एल. यादव, एसडीएम पथरिया अजय कुमार शतरंज, पशु चिकित्सा सेवाओं के उपसंचालक डॉ. आर. एम. त्रिपाठी सहित अन्य प्रशासनिक एवं तकनीकी अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से सड़क को जल्द साफ कर यातायात बहाल किया गया।

हालांकि, यह कोई पहली घटना नहीं है। बिलासपुर(Bilaspur) और उसके आसपास के इलाकों में पिछले एक महीने में ही 50 से अधिक गौवंश सड़क हादसों में जान गंवा चुके हैं। हाईकोर्ट के निर्देशों और चुनावी वादों के बावजूद न तो सरकार ने गौअभ्यारण की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया है और न ही स्थानीय स्तर पर सतर्कता दिखाई जा रही है।

बीते डेढ़ सालों में बिलासपुर जिले में ऐसे 6-7 बड़े हादसे हो चुके हैं, जिनमें एक-एक दुर्घटना में 15 से 20 तक गौवंशों की जान गई है। ट्रेलर पलटने, तेज रफ्तार वाहनों के टकराव और खुली सड़कों पर घूम रहे पशुओं की उपेक्षा इस संकट का कारण बन रही है।

कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के निर्देश दिए हैं। जांच जारी है, लेकिन सवाल यह है कि क्या हर हादसे के बाद जांच और कार्रवाई ही पर्याप्त है, या अब समय आ गया है कि शासन स्तर पर स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं?

 

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